एक घर सिर्फ ईंट-पत्थर की संरचना नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुकून और भावनाओं का केंद्र होता है। लेकिन प्राकृतिक आपदाएं, दुर्घटनाएं, चोरी या सेंधमारी जैसी घटनाएं अचानक इस सुरक्षा को खतरे में डाल सकती हैं और भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती हैं। ऐसे में होम इंश्योरेंस न केवल वित्तीय सहारा देता है, बल्कि संकट के समय मानसिक राहत भी प्रदान करता है।
बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड (पूर्व नाम बजाज आलियांज़ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड) के हेड – प्रॉपर्टी अंडरराइटिंग (E&S), रिस्क इंजीनियरिंग सर्विसेज़ और ग्लोबल अकाउंट, श्री गुरदीप सिंह बत्रा के अनुसार, होम इंश्योरेंस पॉलिसी आमतौर पर घर की बिल्डिंग, उसमें मौजूद सामान, कीमती वस्तुओं, ज्वेलरी, कलाकृतियों और दुर्लभ वस्तुओं को कवर करती है। सही जानकारी के साथ क्लेम प्रक्रिया को समझना पॉलिसीधारकों के लिए बेहद जरूरी है।
होम इंश्योरेंस क्लेम कैसे करें
किसी भी नुकसान की स्थिति में सबसे पहला कदम इंश्योरेंस कंपनी को तुरंत सूचना देना है। चोरी, सेंधमारी या प्राकृतिक आपदा जैसी घटनाओं के बाद पॉलिसीधारक हेल्पलाइन या कंपनी की वेबसाइट के जरिए क्लेम दर्ज कर सकता है। इसके लिए पॉलिसी नंबर और घटना का संक्षिप्त विवरण देना आवश्यक होता है।
क्लेम दर्ज होने के बाद इंश्योरेंस कंपनी विवरणों की जांच करती है। क्लेम वैध पाए जाने पर उसे प्रोसेसिंग के लिए आगे बढ़ाया जाता है और एक सर्वेक्षक नियुक्त किया जाता है। सर्वेक्षक नुकसान का आकलन कर मरम्मत या रिप्लेसमेंट की अनुमानित लागत तय करता है। सभी जरूरी दस्तावेज जमा होने के बाद आमतौर पर 7 से 15 दिनों में सर्वे रिपोर्ट तैयार होती है, जिसके आधार पर इंश्योरेंस कंपनी 7–10 दिनों में क्लेम सेटल करती है।
क्लेम के लिए जरूरी दस्तावेज
होम इंश्योरेंस क्लेम के लिए दस्तावेज नुकसान की प्रकृति पर निर्भर करते हैं।
बिल्डिंग या सामान के नुकसान के लिए क्लेम फॉर्म, नुकसान की रिपोर्ट, खरीद बिल, रिपेयर अनुमान, सर्विस रिपोर्ट और भुगतान रसीदें जरूरी होती हैं।
चोरी के मामलों में FIR, फाइनल पुलिस रिपोर्ट, चोरी की घटना का लिखित विवरण और संबंधित बिल आवश्यक होते हैं।
सेंधमारी की स्थिति में कुछ अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।
एक लाख रुपये से अधिक के क्लेम में NEFT दस्तावेज, KYC विवरण और सहमति फॉर्म अनिवार्य होते हैं।
तैयारी से आसान होता है क्लेम
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पॉलिसीधारक शांत रहकर सही प्रक्रिया का पालन करें, अपने सामान का रिकॉर्ड रखें और नुकसान की तुरंत रिपोर्ट करें, तो होम इंश्योरेंस क्लेम प्रक्रिया सरल और तेज हो जाती है। सही योजना और जागरूकता के साथ न केवल नुकसान की भरपाई संभव है, बल्कि अप्रत्याशित परिस्थितियों से उबरना भी आसान हो जाता है।
होम इंश्योरेंस इस तरह घर और परिवार दोनों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर सामने आता है, जो मुश्किल समय में भरोसे के साथ खड़ा रहता है।












