spot_img
Friday, January 23, 2026
HomeBreakingगुरुवार को कलश स्थापना - माँ शैल पुत्री की पूजा से हो...

गुरुवार को कलश स्थापना – माँ शैल पुत्री की पूजा से हो रही दशहरे की शुरुआत

-

पटना।  जितेन्द्र कुमार सिन्हा।

शारदीय नवरात्र वृहस्पतिवार को कलश स्थापना और माँ शैल पुत्री की प्रथम पूजा से शुरू होगी। कलश स्थापना हमेशा पूजा घर के ईशान कोण में करना चाहिए। पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्र शुरू होकर नवमी तिथि तक चलता है। आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रपिदा तिथि यानि 03 अक्तूबर को कलश स्थापना के साथ शुरू होगा। 

शारदीय नवरात्र के नौ दिन मैं माँ नवदुर्गा के नौ रूपों की पूजा होता है, जिसमें प्रतिपदा को माँ शैलपुत्री, दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा, चौथे दिन माँ कुष्मांडा, पांचवे दिन माँ स्कंदमाता, छठे दिन माँ कात्यायनी, सातवें दिन माँ कालरात्रि, आठवें दिन माँ महागौरी और नौवें दिन माँ सिद्धिदात्री की अराधना की जाती है।

शैलपुत्री देवी दुर्गा के नौ रूप में पहले स्वरूप में जानी जाती हैं। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम ‘शैलपुत्री’ है। नवरात्र-पूजन में प्रथम दिन इनकी पूजा और उपासना की जाती है। इस दिन योगी अपने मन को ‘मूलाधार’ चक्र में स्थित करते हैं और यहीं से उनकी उपासना और योग साधना का प्रारंभ होता है।

एक बार प्रजापति दक्ष ने एक बहुत बड़ा यज्ञ किया। इस यज्ञ में प्रजापति दक्ष ने सारे देवताओं को अपना-अपना यज्ञ-भाग प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन भगवान शंकर जी को आमंत्रित नहीं किया था। सती ने जब सुना कि उनके पिता एक अत्यंत विशाल यज्ञ का अनुष्ठान कर रहे हैं, तब वहाँ जाने के लिए उनका मन विकल हो उठा और उन्होंने अपनी यह इच्छा शंकर जी को बताई।

सारी बातों पर विचार करने के बाद शंकर जी ने सती से कहा कि प्रजापति दक्ष किसी कारणवश हमसे रुष्ट हैं। अपने यज्ञ में उन्होंने सारे देवताओं को आमंत्रित किया है। उनके यज्ञ-भाग भी उन्हें समर्पित किए हैं, किन्तु हमें जान-बूझकर नहीं बुलाया है। कोई सूचना तक नहीं भेजी है। ऐसी स्थिति में तुम्हारा वहाँ जाना किसी प्रकार भी श्रेयस्कर नहीं होगा।

शंकर जी के इस बात के बावजूद सती का पिता का यज्ञ देखने, वहाँ जाकर माता और बहनों से मिलने की, उनकी व्यग्रता कम नहीं हुई। उनका प्रबल आग्रह देखकर शंकर जी ने उन्हें वहाँ जाने की अनुमति दे दी। सती ने पिता के घर पहुँचकर देखा कि कोई भी उनसे आदर और प्रेम के साथ बातचीत नहीं कर रहा है। सारे लोग मुँह फेरे हुए हैं। केवल उनकी माता ने स्नेह से उन्हें गले लगाया। बहनों की बातों में व्यंग्य और उपहास के भाव भरे हुए थे। परिजनों के इस व्यवहार से उनके मन को बहुत तकलीफ पहुँचा। उन्होंने यह भी देखा कि वहाँ चतुर्दिक भगवान शंकर जी के प्रति तिरस्कार का भाव भरा हुआ है। दक्ष ने उनके प्रति कुछ अपमानजनक वचन भी कहे। यह सब देखकर सती का हृदय क्षोभ, ग्लानि और क्रोध से भर उठा। उन्होंने सोचा भगवान शंकर जी की बात न मान, यहाँ आकर मैंने बहुत बड़ी गलती की है।

वे अपने पति भगवान शंकर जी के इस अपमान को सह न सकीं और उन्होंने अपने उस रूप को तत्क्षण वहीं योगाग्नि द्वारा जलाकर भस्म कर दिया। वज्रपात के समान इस दुःखद घटना को सुनकर शंकर जी ने क्रोध में अपने गणों को भेजकर दक्ष के उस यज्ञ का पूर्णतः विध्वंस करा दिया। सती ने योगाग्नि द्वारा अपने शरीर को भस्म कर, अगले जन्म में शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म लिया। शैलराज की पुत्री होने के करण  सती ‘शैलपुत्री’ नाम से विख्यात हुई। इसलिए इस रूप को प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की पूजा होती है।

लेखक जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना में स्थानीय संपादक हैं।फाइल फोटो- देश वाणी।

राजधानी सहित पूरे देश में भक्तिमय माहौल

शारदीय नवरात्र को लेकर राजधानी पटना सहित पूरे प्रदेश में भक्तिमय वातावरण बन चुका है। विभिन्न सार्वजनिक पूजा समितियों द्वारा प्रतिमाओं और पूजा पंडालों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हमारे संवाददाताओं के अनुसार, सुबह से ही प्रदेश के मंदिरों और शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। पटना के प्रसिद्ध शक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी और छोटी पटनदेवी, गोपालगंज के थावे मंदिर, सारण के दिघवारा स्थित आमी मंदिर, आरा के अरण्य देवी मंदिर, सासाराम के तारापीठ, दरभंगा के मां श्यामा काली मंदिर, खगड़िया के कात्यायनी शक्तिपीठ और मुंगेर के मां चंडिका शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। इसके अलावा मोतिहारी में राजाबाजार, कचहरी चौक, बलुआ चौक स्थित पूजा पंडालों में श्रधालुओं की भीड़ सुबह से जमा हो रही है।

श्रद्धालु अपने घरों में भी कलश स्थापना कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। 

नवरात्र के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों को शुभकामनाएं दी हैं।

                     

नवरात्र में पाठ का प्रारम्भ प्रार्थना से करना चाहिए। उसके बाद दुर्गा सप्तशती किताब से सप्तश्लोकी दुर्गा, उसके बाद श्री दुर्गाष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम, दुर्गा द्वात्रि शतनाम माला, देव्याः कवचम्, अर्गला स्तोत्रम, किलकम, अथ तंत्रोक्त रात्रिसूक्तम, श्री देव्यर्थ शीर्षम का पाठ  करने के बाद नवार्ण मंत्र का 108 बार यानि एक माला जप करने के उपरांत दुर्गा सप्तशती  का एक-एक सम्पूर्ण पाठ करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति से यह सम्भव नही तो निम्न प्रकार भी पाठ कर सकते है।

पहला दिन – प्रथम अध्याय 

दूसरा दिन – दूसरा, तीसरा और चौथा अध्याय 

तीसरा दिन – पाँचवाँ अध्याय

चौथा दिन – छठा और सातवां अध्याय 

पाँचवा दिन – आठवां और नौवां अध्याय 

छठा दिन –  दसवां और ग्यारहवां अध्याय 

सातवाँ दिन – बारहवाँ अध्याय 

आठवां दिन – तेरहवां अध्याय 

नौवाँ दिन – प्रधानिक रहस्य, वैकृतिक रहस्य एवं मूर्ति रहस्य ।

नवरात्र में भोजन के रूप में केवल गंगा जल और दूध का सेवन करना अति उत्तम माना जाता है, कागजी नींबू का भी प्रयोग किया जा सकता है। फलाहार पर रहना भी उत्तम माना जाता है। यदि फलाहार पर रहने में कठिनाई हो तो एक शाम अरवा भोजन में अरवा चावल, सेंधा नमक, चने की दाल, और घी से बनी सब्जी का उपयोग किया जाता है।

Related articles

Video thumbnail
Raxsul | भारत- नेपाल सीमा पर गोल्ड स्मगलिंग का मोस्ट वांटेट मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 22/01/2026
00:15
Video thumbnail
Motihari के ढाका थाने में जनता दरबार, एसपी स्वर्ण प्रभात ने क्या कहा? 22 January 2026
02:05
Video thumbnail
बोधगया बौद्ध महोत्सव 2026 PBSHABD, 22 January
01:30
Video thumbnail
देखिये रक्सौल में कैसे होती है, शराब की तस्करी?21 January 2026
01:16
Video thumbnail
दरभंगा : हाइकोर्ट के आदेश पर चार दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई, PBSHABD, 20 January 2026
02:51
Video thumbnail
नालंदा | जदयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने आरसीपी सिंह की वापसी पर जताया विरोध, PBSHABD, 19 January 2026
00:57
Video thumbnail
मुजफ्फरपुर: महिला और तीन बच्चों की मौत, प्रेमी गिरफ्तार, पति से पूछताछ जारी, PBSHABD,19 January 2026
00:14
Video thumbnail
Varanasi | Mauni Amavasya American Citizens Join the Festive Celebrations, PBSHABD, 18 January 2026
00:22
Video thumbnail
17 January 2026
00:58
Video thumbnail
बेतिया| भारत-नेपाल सीमा पर, एसएसबी द्वारा ग्रामीण महिलाओं को ब्यूटीशियन ट्रेनिंग, PBSHABD,15 January
01:46

Bihar

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
spot_img

Latest posts