Bettiah| हृदयनंद|
डीडीसी की अध्यक्षता में पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन के लिए जिला समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न।
आम लोगों से अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को साझा करने की प्रशासन ने की अपील।

बेतिया। भारत सरकार के ‘ज्ञान भारतम् सर्वेक्षण’ अभियान के तहत चंपारण की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में बड़ी पहल की गयी है। चंपारण सत्याग्रह के प्रणेता पंडित राजकुमार शुक्ल के सतवरिया स्थित पैतृक आवास पर उनकी हस्तलिखित ऐतिहासिक डायरी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी राकेश कुमार ने स्वयं डायरी का सूक्ष्म अवलोकन किया, जो महात्मा गांधी और पंडित शुक्ल के गहरे संबंधों व स्वतंत्रता संग्राम के अनछुए पहलुओं को उजागर करती है। पंडित शुक्ल के पौत्र ने भी इस कदम को ऐतिहासिक धरोहर सहेजने की दिशा में सराहनीय बताया।

इसी कड़ी में उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन की अध्यक्षता में जिला समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन पर बल दिया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आम लोगों के पास सुरक्षित ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक महत्व के दस्तावेजों को खोजकर उन्हें डिजिटल रूप में सुरक्षित करना है।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि उनके पास पूर्वजों द्वारा लिखित कोई भी महत्वपूर्ण पांडुलिपि हो, तो उसे ‘ज्ञान भारतम्’ पोर्टल या ऐप के माध्यम से साझा करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मूल दस्तावेज नहीं लिए जाएंगे, केवल उनका डिजिटाइजेशन होगा। बैठक में डॉ. दिवाकर राय, नसीम अहमद और डॉ. विभाकर दुबे सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
Bettiah | Champaran’s pride shines in Gyan Bharatam survey, Rajkumar Shukla’s diary documented.












