Motihari Latest news| Indo-Nepal Border| Raxaul| अनिल कुमार|
सीमावर्ती क्षेत्र रक्सौल में, जहाँ लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं नगर परिषद की लापरवाही के कारण वार्ड संख्या 10 में रोजाना हजारों लीटर पानी बेवजह बर्बाद हो रहा है।
नप की लापरवाही से पानी बह रहा यूं ही
स्थानीय निवासियों के अनुसार, नगर परिषद द्वारा लगाए गए समरसेबल को चलाने के बाद नियमित रूप से बंद नहीं किया जाता, जिससे पानी लगातार बहकर नाली में चला जाता है। आश्रम रोड के लोगों का कहना है कि यदि समरसेबल से निकला पानी पाइपलाइन के जरिए मोहल्लों तक पहुंचता, तो लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना नहीं करना पड़ता।
भू-जल स्तर गिरा, मोटर से पानी आना भी बंद
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भारी गर्मी और बारिश नहीं होने से भू-जल स्तर गिर गया है। समरसेबल के लगातार चलने से अन्य लोगों के नलकूप व मोटर भी प्रभावित हो रहे हैं। वार्ड संख्या 10 के निवासी राहुल ने बताया कि दिनभर पानी निकाले जाने से इलाकों में मोटर से पानी आना बंद हो गया है।
एक तरफ जल संरक्षण की बातें, दूसरी तरफ पानी की बर्बादी
प्रशासन एक ओर तो जल संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर उसके ही नगर परिषद कर्मचारी पानी की बर्बादी कर रहे हैं। लोगों ने नगर परिषद से जल्द समाधान की मांग की है और चेताया है कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
फोटो विवरण:
एक ओर पानी की किल्लत, दूसरी ओर नगर परिषद द्वारा पानी की बर्बादी।
Raxaul Municipal Council Wasting Thousands of Liters of Water in Drains and on Roads While People Struggle for Drinking Water