Motihari | दिलीप दुबे|
मोतिहारी/रक्सौल। ईस्ट सेंट्रल रेलवे एम्प्लाइज यूनियन ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर जागरूकता अभियान और सभा का आयोजन किया। यूनियन के जोनल जॉइंट सेक्रेटरी रत्नेश वर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में रेल कर्मचारियों की स्थिति और सरकार की नीतियों पर कड़ा विरोध जताया गया। रत्नेश वर्मा ने कहा कि आज रेल कर्मचारी भारी दबाव और संसाधनों की कमी के बीच काम कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से अविलंब पुरानी पेंशन योजना लागू करने, पदों की कटौती पर रोक लगाने तथा रिक्त पदों को नियमित भर्ती से भरने की मांग की हैं।
यूनियन ने केंद्र सरकार द्वारा रेलवे के निजीकरण और निगमीकरण के प्रयासों की तीखी निंदा की। कार्यक्रम के दौरान 36 सूत्रीय मांगों पर चर्चा हुई, जिसमें 18 महीने के डीए एरियर का भुगतान, आठवें वेतन आयोग का गठन, आउटसोर्सिंग पर रोक और रक्सौल में आधुनिक रेलवे अस्पताल का निर्माण मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके साथ ही कार्य दशा में सुधार, बीमा और सुरक्षा के प्रावधान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। मौके पर शत्रुधन प्रसाद, संजीत कुमार, अनिल कुमार, दीपक कुमार और सत्यनारायण कुमार सहित भारी संख्या में रेलकर्मी उपस्थित थे।
Motihari | Railway workers protest against privatisation and restoration of old pension on Labour Day.












