Motihari | रक्सौल| अनिल कुमार|
एक नई ट्रेन के रूप में रक्सौल से पटना के लिए रक्सौल-दानापुर इंटरसिटी वाया
मोतिहारी आरंभ किए जाने को लेकर एक प्रतिवेदन शिक्षाविद डॉ. स्वयंभू शलभ ने बीते 1 जनवरी को रेलवे बोर्ड एवं रेल मंत्रालय को भेजा है।
प्रतिवेदन में बताया गया है कि रेलवे द्वारा स्लिपर कोच को बंद किए जाने के निर्देश के तहत रक्सौल से चलने वाली 15202/01 रक्सौल पाटलिपुत्र इंटरसिटी को बंद कर दिया गया। इस इंटरसिटी के विकल्प के रूप में रक्सौल दानापुर मेमू एक्सप्रेस 15515/16 आरंभ की गयी जो सीतामढ़ी होकर दानापुर तक जाती है।
आगे बताया है कि कुछ माह पहले इस ट्रेन का सुगौली तक और फिर नरकटियागंज तक विस्तार कर दिए जाने के बाद से रक्सौल और उसके आगे के स्टेशनों पर यात्रियों की परेशानी काफी बढ़ गयी है।
रक्सौल पहुंचने के पहले से ही यह ट्रेन भरी हुई होती है जिससे रक्सौल और आगे के स्टेशनों पर यात्रियों को सीट मिलनी भी मुश्किल हो गयी है।
डॉ. शलभ ने कहा कि 15202/01 रक्सौल पाटलिपुत्र इंटरसिटी के परिचालन को बंद किए जाने के निर्णय में रेलवे द्वारा जनता के व्यापक हित को ध्यान में नहीं रखा गया। रेलवे द्वारा इस निर्णय पर पुनर्विचार किये जाने की आवश्यकता है।
बताया कि रक्सौल से सीतामढ़ी होकर दानापुर तक जाने वाली गाड़ी सं 15515/16 कभी इंटरसिटी 15202/01 का विकल्प नहीं बन सकती। इंटरसिटी सेवा के बंद किये जाने से रक्सौल समेत रामगढ़वा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र की बड़ी आबादी प्रभावित हो रही है। सीमावर्ती नेपाल के लोग भी इस ट्रेन से लाभान्वित होते रहे हैं। यह ट्रेन इस रूट की लाइफलाइन मानी जाती थी। जो यहाँ के लोगों की जरूरत और समय के हिसाब से एक अनिवार्य सेवा के रूप में उपलब्ध रही।
गौरतलब है कि रक्सौल और रामगढ़वा से जिला मुख्यालय मोतिहारी आने जाने के लिए भी इंटरसिटी एक प्रमुख साधन रही है। इस क्षेत्र के ज्यादातर छात्रों का परीक्षा केंद्र मोतिहारी में रहता है। मोतिहारी में न्यायालय और अन्य सरकारी दफ्तर होने के कारण भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में इस क्षेत्र के लोगों का इस ट्रेन से आना जाना होता रहा।
इस क्षेत्र के लोगों की परेशानी और असुविधा को देखते हुए जनहित में गाड़ी सं 15202/01 के विकल्प के रूप में एक नई ट्रेन रक्सौल दानापुर इंटरसिटी वाया मोतिहारी आरंभ किए जाने की मांग की गयी है। ताकि रक्सौल समेत सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को राहत मिले।












