Motihari |घोड़ासहन| राजू प्रकाश|
घोड़ासहन में साइबर कैफे संचालक और फल व्यवसायी से विदेशी मुद्रा बरामद
पटना पुलिस ने मोतिहारी जिले के घोड़ासहन थाना क्षेत्र के वीरता चौक स्थित साइबर कैफे में शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की।पुलिस की रेड में 98 आधार कार्ड, पासबुक, चेकबुक और 9 डिजिटल स्कैनर बरामद किए गये। उक्त कैफे के संचालाक भूषण चौधरी और उसके बेटे गोलू कुमार हैं, जिन्हें यूपी पुलिस, 18 अगस्त को ही गिरफ्तार कर चुकी है।
ये सभी दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस पुलिस ने जब्त कर लिये हैं तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गयी है।
यह कार्रवाई 101 करोड़ 34 लाख रुपये की टेरर फंडिंग की शिकायत के बाद हुई। दरअसल, यूपी पुलिस को इस बड़े रैकेट की सूचना मिली थी और 18 अगस्त को टीम ने मौके पर छापेमारी करते हुए भूषण चौधरी और उसके बेटे गोलू कुमार को गिरफ्तार किया। दोनों कैफे संचालक पिता-पुत्र पर आरोप है कि वे ब्लैक मनी को व्हाइट कर विदेश भेजने के नेटवर्क में सक्रिय थे।
उनके आवास से कई देशों की करैंसी के अलावा विदेशी रोलेक्स घड़ी भी मिली है। यह बरामदगी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि कैफे चलाने वाले और फल व्यवसायी के घर विदेशी संपत्ति कैसे आई, इस पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय समुदाय में शक है कि कहीं दोनों देशविरोधी गतिविधियों में तो नहीं जुड़े हैं।
पुलिस जांच-पड़ताल तेज
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि यूपी पुलिस ने कुछ दिन पूर्व दोनों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल दोनों आरोपी यूपी की जेल में हैं, व आगे रिमांड पर पूछताछ की जाएगी। इसके अतिरिक्त पुलिस दल इलाके के आलोक कुमार की भी तलाश कर रही है, जो गिरोह का सक्रिय सदस्य है। जांच में कई महत्वपूर्ण कागजात जैसे 98 आधार कार्ड, 8 ड्राइविंग लाइसेंस, 16 वोटर आईडी, 5 लेबर कार्ड, 4 बैंक पासबुक, 1 एटीएम कार्ड, 1 चेकबुक और 9 स्कैनर भी बरामद हुए हैं।
करोड़ों की विदेशी ट्रांजैक्शन
जांच में सामने आया है कि भूषण कुमार फल व्यवसाय करता था, जबकि उनका पुत्र साइबर कैफे का संचालन करता था। यूपी के विकास कुमार ने साइबर ठगी की शिकायत की थी, जिसके आधार पर नवादा जिले के पथरा इंग्लिस समेत पाँच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान पता चला कि घोड़ासहन के गोलू और उसके पिता भूषण ने पांच भारतीय और एक नेपाली बायनेन्स आईडी के माध्यम से करीब 101 करोड़ रुपये विदेश भेजे हैं। सबसे अधिक लेन-देन गोलू कुमार के आईडी से हुई, जबकि दूसरी बड़ी राशि भूषण कुमार की आईडी से ट्रांसफर हुई। नेपाली अकाउंट के विवरण के लिए बायनेन्स से डाटा मांगा गया है और शेष आईडी की जांच भी चल रही है।
संदिग्ध नेटवर्क और सख्ती
पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच चल रही है ताकि देश विरोधी गतिविधियों के किसी भी कनेक्शन को पकड़ने में सफलता मिले। केस से जुड़े सभी दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं।
Motihari | Terror Funding in Motihari: Patna Police Busts ₹101 Crore Illegal Funding Racket in Gorasahan.
Sources