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Saturday, January 17, 2026
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महिला शेल्टर होम बनेगा बदलाव की मिसाल, आत्मनिर्भर बनेंगी पीड़ित व बेसहारा महिलाएँ : स्वच्छ रक्सौल

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रक्सौल | संवाददाता : अनिल कुमार


समाज सुधार की दिशा में कार्यरत स्वच्छ रक्सौल संस्था मानव तस्करी, घरेलू हिंसा और उत्पीड़न से जूझ रही महिलाओं के जीवन में नई रोशनी लेकर आई है। संस्था द्वारा संचालित महिला शेल्टर होम प्रशिक्षण केन्द्र आज उन महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है, जो किसी न किसी कारणवश समाज से उपेक्षित रही हैं।

इस केन्द्र में महिलाओं को न केवल सुरक्षित आवास दिया जा रहा है, बल्कि कौशल विकास, काउंसलिंग और स्वरोज़गार के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे महिलाएँ न सिर्फ़ अपनी ज़िंदगी दोबारा सँवार रही हैं, बल्कि अपने बच्चों का भविष्य भी मज़बूत कर रही हैं।


महिला शेल्टर होम प्रशिक्षण केन्द्र की प्रमुख विशेषताएँ-

  • पीड़ित एवं बेसहारा महिलाओं के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था
  • सिलाई-कढ़ाई, हस्तकला, घरेलू उद्योग एवं स्वरोज़गार संबंधी प्रशिक्षण
  • मानसिक स्वास्थ्य हेतु काउंसलिंग एवं पुनर्वास सहयोग
  • कानूनी और सामाजिक परामर्श की सुविधा
  • बच्चों की देखभाल और पालन-पोषण में सहयोग

संस्थान के अनुसार, अब तक 5 से अधिक महिलाएँ आत्मनिर्भर बन चुकी हैं, जो आज स्वाभिमान के साथ जीवन व्यतीत कर रही हैं। वहीं, संस्था ने अप्रैल 2026 तक 30 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है।


संस्था के प्रमुख सामाजिक कार्य-

  • 500 से अधिक बच्चों को मानव तस्करी के जाल से सुरक्षित निकाला
  • 48 मानसिक रूप से पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय दिलाया
  • 25 परिवारों की काउंसलिंग कर टूटते घरों को जोड़ा
  • 20 से अधिक अज्ञात महिला-पुरुषों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार
  • 10 से अधिक सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया
  • 12 जरूरतमंद बालिकाओं की शादी में नाश्ता सामग्री से सहयोग किया

संस्थापक रणजीत सिंह का कहना-

संस्था के संस्थापक रणजीत सिंह ने बताया,

“महिला शेल्टर होम प्रशिक्षण केन्द्र केवल आश्रय नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की पाठशाला है। हमारा उद्देश्य है कि कोई भी महिला मजबूरी में गलत राह न चुनें। अगर समाज और प्रशासन साथ दे, तो यह केन्द्र सैकड़ों महिलाओं की ज़िंदगी संवार सकता है।”

उन्होंने जनता, प्रशासन और सामाजिक संगठनों से इस महिला सशक्तीकरण अभियान में सहयोग की अपील की, ताकि पीड़ित और बेसहारा महिलाएँ सम्मान के साथ फिर से समाज की मुख्यधारा में लौट सकें।


Motihari | Raxaul| Women’s Shelter Home to Become a Model of Change, Empowering Victimised and Destitute Women

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