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अनशन की शुरुआत: सामाजिक न्याय के लिए पूर्णिमा भारती की पहल
कोइरिया टोला स्थित अंबेडकर चौक पर शनिवार को जन सुराज की नेता पूर्णिमा भारती डायवर्शन निर्माण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गयीं। उन्होंने अंबेडकर प्रतिमा को माल्यार्पण कर अपने आंदोलन की विधिवत शुरुआत की।
उनका कहना है –
“काठमांडू-दिल्ली राजमार्ग के अंतर्गत घोड़ासहन नहर पर बन रहे हाई लेवल पुल निर्माण के दौरान डायवर्शन के टूट जाने से स्थानीय लोगों को बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब ग्रामीणों को रोजाना 3-4किमी अधिक सफर तयकर ट्रैफिक जाम में फंसना पड़ता है, जबकि पहले यही दूरी मिनटों में पूरी हो जाती थी।”
प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन और मुख्य समस्याएं
पूर्णिमा भारती ने शुक्रवार को पूर्वी चंपारण के जिला विकास उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर डायवर्शन के पुनर्निर्माण की मांग करते हुए आमरण अनशन की अनुमति भी मांगी थी। उन्होंने बताया कि नहर में सिंचाई के लिए छोड़े गए पानी से डायवर्शन बह गया, जिससे हालात और बिगड़ गए। उनका आरोप है कि पुल निर्माण कार्य नियमों की अनदेखी कर शुरू किया गया और स्थानीय जनता की समस्याओं की कोई परवाह नहीं की गयी।
आरोप, मांगें व क्षेत्रीय व्यापार पर असर
जन सुराज की नेता ने यह भी कहा कि यह क्षेत्र भारत-नेपाल ट्रेड रूट का हिस्सा है और यहां कनेक्टिविटी बाधित करना कानूनी और आर्थिक रूप से ठीक नहीं है। वे want करती हैं कि निर्माण कार्य में हो रही अनियमितताओं की जांच हो और संभावित भ्रष्टाचार पर भी कार्रवाई हो। साथ ही उन्होंने की घोषणा की है कि डायवर्शन शुरू न होने तक उनका अनशन जारी रहेगा।
राजनीतिक सक्रियता और सरकारी आश्वासन
क्षेत्रीय भाजपा विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने भी पुल निर्माण निगम के चेयरमैन से मिलकर समस्या का समाधान निकालने की मांग की। विधायक ने तेज़ कार्रवाई की बात कही और खबर है कि 27 जुलाई को पुल निगम के अधिकारी स्थल का निरीक्षण करेंगे। साथ ही इस दौरान पैदल, दोपहिया और ई-रिक्शा के आवागमन के लिए अस्थायी ‘लोहा पुल’ बनाने की मांग की गई है।
लेकिन, पूर्णिमा भारती ने इस आश्वासन को अपर्याप्त मानते हुए अंबेडकर चौक पर ही टेंट लगाकर अनशन जारी रखा है। उन्होंने नारा भी दिया — “डायवर्शन दो, नहीं तो मार दो”।
जन आंदोलन का विस्तार और आमजन की परेशानियां
इससे पहले महागठबंधन और राजद कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की थी। स्थानीय लोग बताते हैं कि डायवर्शन का टूटना केवल निर्माण या राजनीति का सवाल नहीं बल्कि स्कूल, अस्पताल, व्यापार जैसी रोजमर्रा की जरूरतों को भी प्रभावित कर रहा है। प्रशासन के रवैये पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं कि आमजन की परेशानियां कब तक दूर होंगी और समाधान कैसे निकलेगा।
Motihari | Raxaul |”With the slogan ‘Give diversion, or kill us,’ Jan Suraj’s Purnima Bharti is on an indefinite hunger strike in Raxaul.”