देशवाणी। आशा कुमारी
मोतिहारी।
मां-बेटे ने अपने पट्टीदार को फंसाने के लिए अपहरण का षड्यंत्र रच डाला, लेकिन हरसिद्धि पुलिस ने 48 घंटे के अंदर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। कथित अगवा युवक की बरामदगी के बाद सच्चाई सामने आई। पुलिस ने साजिश रचने वाले मां-बेटे को बुधवार को जेल भेज दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई की इलाके में खूब चर्चा हो रही है।
घटना 19 सितंबर की देर शाम हरसिद्धि थाना क्षेत्र के भादा पंचायत के पैठानपट्टी गाँव की है। बताया जाता है कि पैठानपट्टी गांव में भूलन साह के दरवाजे पर राजेंद्र साह का पुत्र दिलखुश कुमार और संजू देवी पहुंचे और मारपीट कर उनकी पत्नी पन्ना देवी का सिर फोड़ दिया। बचाने आए भूलन साह को भी जख्मी कर दिया। दोनों गंभीर हालत में इलाज कराने मोतिहारी चले गए।
इधर खुद को केस में फंसता देख दिलखुश और उसकी मां संजू देवी ने नई साजिश रची। दिलखुश को पहाड़पुर थाना क्षेत्र के भांजाटोला गांव में अपने एक रिश्तेदार के यहां छुपा दिया और भूलन साह व उसके परिवार पर अपहरण का झूठा आरोप लगा दिया।
अपहरण की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की। तकनीकी अनुसंधान और छापेमारी के बाद बुधवार को भांजाटोला से दिलखुश कुमार को बरामद कर लिया गया। पूछताछ में दिलखुश ने पुलिस के सामने खुलासा किया कि पट्टीदार भूलन साह व उसके परिजन को फंसाने के लिए मां-बेटे ने मिलकर यह साजिश रची थी।
थानाध्यक्ष ने बताया कि जख्मी पन्ना देवी के आवेदन पर एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।



