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Saturday, January 10, 2026
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“विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025” से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती -सांसद राधामोहन

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मोतिहारी। निखिल विजय कुमार सिंह।

मोतिहारी में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 पर कार्यशाला।

मोतिहारी। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, पूर्वी चंपारण मोतिहारी द्वारा मोतिहारी स्थित महात्मा गांधी प्रेक्षा गृह में “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम–2025” को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौक़े पर मुख्य अतिथि सांसद राधामोहन सिंह ने कहा- “विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025” से ग्रामीण अर्थव्यवस्था व पंचायती राज व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम का उद्देश्य नये अधिनियम से संबंधित व्यापक जानकारी जनप्रतिनिधियों और विभागीय पदाधिकारियों तक पहुंचाना था।

कार्यक्रम में सांसद पूर्वी चंपारण राधा मोहन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ विधायक मोतिहारी प्रमोद कुमार, विधायक हरसिद्धि कृष्णनंदन पासवान, विधायक पिपरा श्याम बाबू प्रसाद यादव, उप महापौर डॉ. लालबाबू प्रसाद गुप्ता, राज्य अध्यक्ष मछुआरा आयोग बिहार ललन चौधरी, पवन राज, दीपक पटेल सहित उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार, सहायक समाहर्ता सुश्री प्रिया रानी, निदेशक डीआरडीए (एनईपी) डॉ. कुंदन कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा मोतिहारी, कोटवा, पिपराकोठी, तुरकौलिया और चकिया प्रखंड के पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधि, प्रखंड प्रमुख तथा ग्रामीण विकास विभाग के सभी पदाधिकारी और कर्मिगण शामिल हुए।

कार्यशाला की शुरुआत उप विकास आयुक्त द्वारा सभी अतिथियों के स्वागत के साथ की गयी। इस अवसर पर सांसद राधा मोहन सिंह ने कहा कि “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम–2025” विकसित गांव की परिकल्पना को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है और यह अधिनियम विकसित भारत अभियान को नई गति देगा।

सांसद राधामोहन सिंह ने बताया कि यह नया अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का विकसित रूप है, जिसके तहत एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गयी है। उन्होंने कहा कि मजदूरी भुगतान में देर को लेकर इसमें सख्त प्रावधान किए गए हैं। यदि एक सप्ताह के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं होता है, तो 15 दिनों के बाद ब्याज के साथ भुगतान अनिवार्य होगा।

उन्होंने आगे कहा कि इस अधिनियम में कार्यों का दायरा भी बढ़ाया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पंचायती राज व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

बताया कि जल से जुड़े ग्रामीण स्तर के कार्य, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, जीविका से संबंधित योजनाएं, प्रतिकूल मौसम में राहत कार्य और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों को भी इसमें शामिल किया गया है। सांसद ने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अधिनियम का गहन अध्ययन करें और इसे आत्मसात करें, ताकि इसका लाभ सही तरीके से आमजन तक पहुंच सके।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार ने जानकारी दी कि भारतीय संसद द्वारा हाल ही में यह अधिनियम पारित किया गया है, जो देश के ग्रामीण परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गयी है। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी।

उप विकास आयुक्त ने कहा कि मजदूरी में देर की स्थिति में अब प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा मजदूरी के साथ दिया जाएगा। पूरी व्यवस्था डिजिटल होगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। अधिनियम के अंतर्गत कार्यों का आयोजन ग्राम पंचायत के माध्यम से किया जाएगा और योजनाओं की तैयारी भी ग्राम पंचायत द्वारा ही की जाएगी।

उन्होंने बताया कि नए अधिनियम में प्रशासनिक मद की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी गयी है। इससे ग्राम रोजगार सेवक, फील्ड असिस्टेंट और तकनीकी सहायकों की सेवाएं सुरक्षित रहेंगी तथा उनके क्षमता विकास में भी मदद मिलेगी, जिससे योजना का संचालन अधिक प्रभावी होगा।

जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक और प्रखंड स्तर पर कार्यक्रम पदाधिकारी योजना के संचालन के लिए उत्तरदायी होंगे। ग्राम पंचायत श्रमिकों का पंजीकरण, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने और प्राथमिकता के आधार पर कम से कम 50 प्रतिशत कार्यों के निष्पादन के लिए जिम्मेदार होगी।
ग्राम सभा के माध्यम से इस पूरे कार्यक्रम का नियमित सामाजिक अंकेक्षण किया जाएगा। मजदूरी दर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित होने तक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित दरें ही लागू मानी जाएंगी।

कार्यशाला में निदेशक डीआरडीए एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) द्वारा उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारी-कर्मीगण को अधिनियम से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

Motihari | “Viksit Bharat G RAM G Act 2025” will strengthen the rural economy – MP RadhaMohan

Photo- PRD, East Champaran.

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