HomeUncategorizedलौरिया में सुजीत हत्याकांड का 72 घंटे में खुलासा, सहपाठी गिरफ्तार

लौरिया में सुजीत हत्याकांड का 72 घंटे में खुलासा, सहपाठी गिरफ्तार

स्कूल-कोचिंग के विवाद में रची हत्या की साजिश, ईंट से बेहोश कर फाइटर और पेचकस से किया हमला; खून से सनी शर्ट समेत कई साक्ष्य बरामद

देश वाणी। नौशाद अहमद। लौरिया।

लौरिया थाना क्षेत्र के डुमरा गांव में 10वीं के छात्र सुजीत हत्याकांड का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। मामले में पुलिस ने मृतक के सहपाठी और गांव के ही 19 वर्षीय धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, स्कूल और कोचिंग में पढ़ाई के दौरान शुरू हुआ विवाद पुरानी रंजिश में बदल गया था। इसी रंजिश में आरोपी ने सुजीत की हत्या की साजिश रची। उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल फाइटर और पेचकस के साथ खून से सनी शर्ट समेत कई अहम साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

रविवार को नरकटियागंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) प्रसन्न कुमार एमवी ने सर्किल इंस्पेक्टर सरफराज अहमद, लौरिया थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान समेत अन्य पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हत्याकांड के उद्भेदन की जानकारी दी।

पढ़ाई के दौरान शुरू हुआ विवाद, जिउतिया के दिन भी हुई थी कहासुनी

पुलिस के मुताबिक, सुजीत और धर्मेंद्र के बीच स्कूल तथा कोचिंग में पढ़ाई के दौरान से ही विवाद चल रहा था। जिउतिया के दिन भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। पुलिस का दावा है कि सुजीत ने मठिया गांव के कुछ सहपाठियों से धर्मेंद्र की पिटाई करवाई थी। इस घटना के बाद से धर्मेंद्र के मन में रंजिश बढ़ गई थी। हालांकि, दोनों के बीच विवाद की मूल वजह के बारे में पुलिस ने विस्तृत जानकारी नहीं दी है।

फूल तोड़ने निकले सुजीत पर पीछे से किया हमला

पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर की सुबह सुजीत फूल तोड़ने के लिए निकला था। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पीछे से उसके सिर पर ईंट से हमला कर दिया, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद फाइटर से उसके चेहरे पर वार किया गया और पेचकस से गर्दन पर हमला किया गया। इस हमले में सुजीत की मौत हो गई।

पुलिस का कहना है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने इस्तेमाल किए गए सामान को खेत में गाड़ दिया था। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसकी निशानदेही पर फाइटर, पेचकस और खून से सनी शर्ट समेत अन्य सामान बरामद किया।

खुद के अपहरण की कहानी रच पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड के बाद आरोपी ने जांच को भटकाने के लिए खुद के अपहरण की कहानी भी रची। घटना के करीब 24 घंटे बाद वह डुमरा गांव के पास नहर में पैर बंधे हुए मिला था। उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लौरिया लाया गया। इस दौरान उसकी गतिविधियों पर पुलिस को संदेह हुआ, जिसके बाद उससे पूछताछ की गई और जांच तेज कर दी गई।

मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल से खुला राज

हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की मदद ली। पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान धर्मेंद्र की भूमिका सामने आने का पुलिस ने दावा किया है। मामले में पूछताछ के लिए लाए गए अन्य लोगों को छोड़ दिया गया। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में धर्मेंद्र अकेला आरोपी है।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले के उद्भेदन का दावा किया गया है। अब बरामद साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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