Bettiah. रवि कुमार मिश्रा
बेतिया/नरकटियागंज।बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ (BRDS) के आह्वान पर 21 सितंबर से शुरू होने वाली राज्यव्यापी हड़ताल फिलहाल टल गई है। संघ ने रविवार की देर शाम एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद हड़ताल को एक महीने के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है। सरकार के साथ मांगों को लेकर बनी सहमति और आश्वासन के बाद संघ ने यह कदम उठाया है। निर्णय के बाद सोमवार से प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में काम जारी रखा है। नरकटियागंज के प्रखंड विकास अधिकारी सूरज कुमार सिंह ने इस निर्णय की पुष्टि करते हुए बताया कि बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ के निर्णय के बाद हड़ताल को एक माह के लिए स्थगित करने का सर्वसम्मति से फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि संघ की ओर से सरकार को 20 सितंबर तक मांगों पर ठोस कार्रवाई करने का समय दिया गया था। रविवार देर शाम संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी की आपात बैठक में स्थिति की समीक्षा की गई और व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
बीडीओ सूरज कुमार सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल हड़ताल का स्थगन है, इसे वापस नहीं लिया गया है। अगर आगामी एक महीने के भीतर सरकार मांगों पर सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो संघ आगे की रणनीति तय करते हुए पुनः आंदोलन का रास्ता चुनने के लिए बाध्य होगा।
क्या है संघ की मांग
ग्रामीण विकास सेवा संघ लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चला रहा है। संघ की प्रमुख मांगों में ग्रामीण विकास सेवा को पूर्ण रूप से राज्य सेवा संवर्ग का आधिकारिक दर्जा दिया जाए। कैडर पुनर्गठन करते हुए प्रोन्नति के बेहतर और पारदर्शी अवसर सृजित किए जाएं। बीडीओ के पद, दायित्वों और संवेदनशीलता को देखते हुए कार्यक्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक प्रशासनिक संसाधन मुहैया कराए जाएं।पद की जिम्मेदारी के अनुरूप वेतनमान और अन्य भत्तों में सुधार आदि मांगे शामिल है। संघ के इस फैसले से जिला प्रशासन और आम जनता ने राहत की सांस ली है। अगर 21 सितंबर से बीडीओ हड़ताल पर चले जाते, तो प्रखंड स्तर पर चलने वाली तमाम विकास योजनाएं, जैसे—प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, पेंशन योजनाएं, राशन कार्ड से जुड़े कार्य और जन-शिकायत निवारण का काम पूरी तरह ठप हो जाता। हड़ताल टलने से अब ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चलते रहेंगे।



