SHABD,Patna, August 4,
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आज कहा कि राज्य में यूरिया और डीएपी जैसे अनुदानित उर्वरकों के साथ अन्य उप्तादों की जबरन टैगिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने कहा कि नियम का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

04 अगस्त, पटना:
उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और पारदर्शी वितरण प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि राज्य में लागू “जीरो टॉलरेंस नीति” के तहत अब अनुदानित उर्वरकों (जैसे यूरिया और डीएपी) के साथ अन्य उत्पादों (जैसे कीटनाशी, नैनो उर्वरक, जैव उत्प्रेरक आदि) की जबरन टैगिंग कर किसानों को बेचना पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार, उर्वरक विभाग के पत्र संख्या 13-1/2022/FM दिनांक 21.07.2025 के आलोक में यह निर्देश जारी किया गया है। बिहार राज्य में कार्यरत सभी उर्वरक विनिर्माता, विपणनकर्त्ता, थोक एवं खुदरा विक्रेता प्रतिष्ठानों को सख्त चेतावनी दी जाती है कि वे अनुदानित उर्वरकों के साथ अन्य किसी भी उत्पाद की जबरन टैगिंग कर विक्रय न करें।
उन्होंने कहा कि यह देखा गया है कि कुछ विक्रेताओं द्वारा किसानों को बाध्य किया जा रहा है कि वे यूरिया या डीएपी जैसे उर्वरक के साथ अन्य महंगे उत्पाद भी खरीदें। यह नियमों का घोर उल्लंघन है और राज्य सरकार इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी उर्वरक विनिर्माता/विपणनकर्त्ता/थोक/खुदरा विक्रेता द्वारा उक्त आदेश का उल्लंघन किया जाता है, तो संबंधित संस्था या व्यक्ति के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में वर्तमान में किसी भी प्रकार के उर्वरक की कमी नहीं है। सभी जिलों में यूरिया, डीएपी एवं अन्य आवश्यक उर्वरकों की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे यदि किसी विक्रेता द्वारा जबरन टैगिंग या ऊंची कीमत वसूले जाने की जानकारी पाते हैं, तो तत्काल जिला कृषि पदाधिकारी अथवा विभागीय टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
Patna| Action will be taken for forced tagging and selling of expensive fertilizers along with subsidized urea and DAP in Bihar.