माला सिन्हा
पीपराकोठी : पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय में प्रज्ञा प्रवाह के “चेतना” कार्यक्रम के अंतर्गत “राष्ट्र पुनर्निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषय पर एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह-संयोजक, प्रज्ञा प्रवाह, चंद्रकांत शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में महाविद्यालय के विद्यार्थियों को 23 सितंबर 2026 को संबोधित किया. अपने संबोधन में चंद्रकांत शर्मा ने विद्यार्थियों को जीवन-मूल्यों, राष्ट्र निर्माण और युवाओं की जिम्मेदारियों के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया. उन्होंने युवाओं के समग्र विकास के संदर्भ में कृषि मानव और नवाचार के तीन महत्वपूर्ण आयामों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि राष्ट्र के पुनर्निर्माण में युवाओं की भूमिका केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके विचार, नवाचार, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन में सकारात्मक मूल्यों को अपनाते हुए समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया. व्याख्यान के साथ-साथ श्री चंद्रकांत शर्मा ने विद्यार्थियों के साथ जीवन-मूल्यों एवं राष्ट्र के प्रति जागरूकता विषय पर संवादात्मक सत्र भी किया. इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और श्री शर्मा ने उनके प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए उन्हें अपने जीवन में सकारात्मक मूल्यों को अपनाने तथा समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया. इंटरैक्शन एवं प्रश्नोत्तर सत्र ने कार्यक्रम को और अधिक सहभागितापूर्ण एवं ज्ञानवर्धक बना दिया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के अधिष्ठाता, डॉ. कुंदन किशोर ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया. उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने, सकारात्मक सोच रखने तथा अपनी क्षमताओं का उपयोग समाज एवं राष्ट्र की प्रगति के लिए करने हेतु प्रेरित किया. व्याख्यान में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की तथा वक्ता के विचारों को उत्साहपूर्वक सुना. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने पूरे आयोजन को जीवंत एवं सार्थक बना दिया. कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रवीण कुमार, सहायक प्राध्यापक, ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, महाविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. उन्होंने कार्यक्रम के सफल संचालन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.



