SHABD,Bhopal, April 29,
बालाघाट। मध्यप्रदेश के जैव विविधता संरक्षण के इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कान्हा टाइगर रिजर्व के सूपखार क्षेत्र में असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से लाए गए जंगली भैंसों को ‘सॉफ्ट रिलीज’ कर पुनर्स्थापना योजना का विधिवत शुभारंभ किया। लगभग 100 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद मध्यप्रदेश की धरती पर जंगली भैंसों की वापसी हुई हैं।

मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह राज्य के वन्य-जीव एवं वन पारिस्थितिक संरक्षण के लिए एक अद्भुत उपलब्धि हैं। उन्होंने बताया कि इन जंगली भैंसों के पुनर्वास से न केवल घास के मैदानों के संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि संपूर्ण ईको सिस्टम सुदृढ़ होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार विलुप्त होती प्रजातियों को वापस लाने के लिए संकल्पित हैं। इससे वनों की समृद्धि के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए असम सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस ट्रांसलोकेशन से दोनों राज्यों के बीच एक नया रिश्ता कायम हुआ हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में तीन मादा और एक नर जंगली भैंसा छोड़े गए हैं, जो पूरी तरह स्वस्थ और युवा हैं। मध्यप्रदेश पहले से ही टाइगर, चीता, घड़ियाल और भेड़िया स्टेट के रूप में अपनी पहचान बना चुका है और अब ‘वल्चर स्टेट’ के बाद जंगली भैंसों की पुनर्स्थापना से प्रदेश की धरा वन्य प्राणियों से और भी समृद्ध होगी।
डॉ. यादव ने कूनो और गांधी सागर अभयारण्य में चीतों की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि जल्द ही सागर के नौरादेही अभयारण्य में भी चीतों को बसाने की तैयारी हैं। इस अवसर पर सांसद भारती पारधी, भगत सिंह नेताम सहित वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
Bhopal | Wild buffaloes roar in Kanha Tiger Reserve: Chief Minister Dr. Yadav launches restoration plan.












