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रक्सौल नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर सफाई व्यवस्था ठप करने की दी चेतावनी

रक्सौल।अनिल कुमार।

रक्सौल नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने अपने अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। बुधवार को स्थानीय निकाय कर्मचारी संघ (ऐक्टू) रक्सौल इकाई से जुड़े सफाई मजदूरों ने नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में सफाई कर्मियों ने चेतावनी दी है कि अगर 17 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 18 अक्टूबर से सभी सफाई कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।


सफाई कर्मियों ने रखी 8 प्रमुख मांगें–

संघ के महासचिव चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि उनकी मुख्य मांगों में शामिल हैं —

  1. सफाई कर्मियों की सेवा का नियमितीकरण।
  2. समान कार्य के लिए समान वेतन।
  3. दैनिक मानदेय का निर्धारण।
  4. आउटसोर्स पर कार्यरत मजदूरों को 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा।
  5. निजी संचिका एवं सेवा अभिलेख का निर्माण।
  6. एसीपी का लाभ।
  7. कार्य के दौरान मृत्यु पर आश्रितों को अनुकंपा आधारित नौकरी।
  8. परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा व आजीवन पेंशन।

उन्होंने कहा कि ये सभी मांगें वर्षों से लंबित हैं और अब इन्हें तत्काल लागू किया जाना चाहिए।


“सरकार कर रही सौतेला व्यवहार” – महासचिव चंद्रशेखर कुमार–

महासचिव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता और रसोइयों का मानदेय तो बढ़ा रही है, लेकिन नगर परिषद एवं नगर निगम के सफाई कर्मियों को इससे वंचित रखकर सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी नगर की स्वच्छता व्यवस्था के रीढ़ हैं, फिर भी उन्हें स्थायी सेवा का लाभ नहीं दिया जा रहा है।


सरकार और नगर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप–

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अब तक सरकार और नगर परिषद प्रशासन ने सफाई कर्मियों की समस्याओं को नजरअंदाज किया है। यह स्थिति अब बर्दाश्त के बाहर हो चुकी है। यदि 17 अक्टूबर तक कोई ठोस पहल नहीं हुई, तो 18 अक्टूबर से रक्सौल नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी जाएगी।


शहर में गंदगी फैलने का संकट, प्रशासन पर जिम्मेदारी–

सफाई कर्मियों ने कहा कि हड़ताल की स्थिति में शहरवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन उसकी जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन और राज्य सरकार की होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, वे काम पर नहीं लौटेंगे।


नारेबाजी के साथ जताया आक्रोश–

ज्ञापन सौंपने के बाद बड़ी संख्या में सफाई कर्मी नगर परिषद परिसर में जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि उनकी यह लड़ाई सम्मान और अधिकार की लड़ाई है, जिसे वे हर हाल में जारी रखेंगे।

फोटो, वीडियो – रक्सौल नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने दी 18 अक्टूबर से हड़ताल की चेतावनी

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