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साधुओं की वेशभूषा में थे, डीआरआई ने पकड़ा तो वन्यजीव तस्कर निकले, तेंदुए की खाल और प्रजनन अंग “हथजोड़ी” जब्त

Patna से अनिल कुमार। Source-Patna DRI

पटना में गुप्त अभियान से वन्यजीव तस्करी पर करारा प्रहार-

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) पटना रीजनल यूनिट ने 17 सितम्बर 2025 को वन्यजीव अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्करी में उपयोग होने वाले प्रतिबंधित वन्यजीव अंग बरामद किये।

वन्यजीव अंगों की तस्करी के संगठित गिरोह के दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों तस्कर पुलिस को चकमा देने के लिए साधू की वेशभूषा बनाये थें।

साधुओं के वेश में पकड़े गए संदिग्ध-

प्राप्त सूचना के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने पटना में एक संगठित गिरोह पर नजर रखते हुए गुप्त अभियान चलाया। इस दौरान साधु बने दो संदिग्धों को रोका गया। तलाशी में उनके पास से तेंदुए की एक ताजा खाल मिली, जिसमें प्राकृतिक सड़ांध आ रही थी। साथ ही उनके पास से गोधूल (मॉनिटर लिज़ार्ड) के प्रजनन अंग हथजोड़ भी मिला

डीआरआई पटना की बड़ी कार्रवाई : तस्करों से तेंदुए की खाल और हथजोड़ जब्त

पटना में गुप्त अभियान से वन्यजीव तस्करी पर करारा प्रहार

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) पटना रीजनल यूनिट ने 17 सितम्बर 2025 को वन्यजीव अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्करी में उपयोग होने वाले प्रतिबंधित वन्यजीव अंग बरामद किए।

साधुओं के वेश में पकड़े गए संदिग्ध

प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने पटना में एक संगठित गिरोह पर नजर रखते हुए गुप्त अभियान चलाया। इस दौरान साधु बने दो संदिग्धों को रोका गया। तलाशी में उनके पास से तेंदुए की एक ताजा खाल मिली, जिसमें प्राकृतिक सड़ांध की गंध आ रही थी। साथ ही गोधूल (मॉनिटर लिज़ार्ड) के प्रजनन अंग जिसे “हथजोड़” कहा जाता है, भी बरामद किया गया।

देशभर में फैला है गिरोह का नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह तेंदुए और मॉनिटर लिज़ार्ड की शिकार और अवैध तस्करी में शामिल है। बरामद वन्यजीव अवशेष देश के विभिन्न हिस्सों में बेचे जाने वाले थे।

सख्त कानून के तहत दंडनीय अपराध

तेंदुआ और मॉनिटर लिज़ार्ड दोनों वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में सूचीबद्ध हैं। इनके शिकार, परिवहन या व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध है तथा ऐसा करना गंभीर दंडनीय अपराध है। साथ ही ये प्रजातियां CITES Appendix-I में भी शामिल हैं, जिससे इनका अंतर्राष्ट्रीय व्यापार भी सख्ती से वर्जित है।

जैव विविधता संरक्षण के प्रति डीआरआई की प्रतिबद्धता

यह कार्रवाई न केवल बढ़ते वन्यजीव अपराध की गंभीरता को उजागर करती है, बल्कि डीआरआई की भारत की जैव विविधता की रक्षा और तस्करी करने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करने की सख्त प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।


Patna | Dressed as Sadhus, Caught by DRI but Turned Out to be Wildlife Traffickers; Leopard Skin and Reproductive Organ “Hatha Jodi” Seized


News Sources-Patna DRI

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