HomeBIHARमोतिहारीबीज शुद्धता से लेकर मशरूम उत्पादन तक छात्रों ने सीखी तकनीक

बीज शुद्धता से लेकर मशरूम उत्पादन तक छात्रों ने सीखी तकनीक

-बीज उत्पादन इकाई में रोगिंग का किया अभ्यास,

-मशरूम के बैग तैयार कर लिया प्रशिक्षण

फोटो : केविके में बीज उत्पादन इकाई में रोगिंग का अभ्यास करती छात्राएं

माला सिन्हा

पीपराकोठी : कृषि विज्ञान केंद्र, पिपराकोठी में सोमवार को ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव रावे कार्यक्रम के तहत छात्रों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को बीज उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक के साथ मशरूम उत्पादन की बारीकियों से अवगत कराया गया. कार्यक्रम के प्रथम सत्र में छात्रों ने केंद्र की बीज उत्पादन इकाई का भ्रमण किया. यहां धान की उन्नत किस्मों के बीज उत्पादन प्रक्षेत्र में छात्रों को रोगिंग का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि बीज की आनुवंशिक एवं भौतिक शुद्धता बनाए रखने के लिए फसल में उगे अवांछित किस्म के पौधों, खरपतवार तथा रोगग्रस्त पौधों को समय रहते पहचानकर खेत से निकालना आवश्यक है. छात्रों ने स्वयं खेत में जाकर ऐसे पौधों की पहचान की और उन्हें निकालने का अभ्यास किया. प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में छात्रों ने मशरूम उत्पादन इकाई में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की. छात्रों ने सामूहिक रूप से मशरूम उत्पादन के लिए बैग तैयार किए. इसके अलावा पोटैटो डेक्सट्रोज एगर मीडिया तैयार करने की प्रक्रिया को समझते हुए हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस भी की. प्रशिक्षकों ने मशरूम उत्पादन में स्वच्छता, माध्यम तैयार करने और उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी।

केंद्र के वैज्ञानिकों ने बताया कि रावे कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को कृषि की आधुनिक तकनीकों से जोड़ना और उन्हें व्यवहारिक ज्ञान उपलब्ध कराना है. इस तरह के प्रशिक्षण से विद्यार्थी बीज उत्पादन के साथ कम लागत में मशरूम उत्पादन जैसे स्वरोजगार के विकल्पों को अपनाकर भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकते हैं.

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