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AI और सोशल मीडिया के दौर में हिंदी का भविष्य: टीपी वर्मा कॉलेज में संगोष्ठी

तकनीकी बदलाव के बीच हिंदी की उपयोगिता और रोजगार की संभावनाओं पर हुआ विमर्श

देशवाणी।Bettiah।अवधेश कुमार शर्मा।

बेतिया। पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज अनुमंडल स्थित बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से संबद्ध टी.पी. वर्मा कॉलेज में हिंदी विभाग के तत्वावधान में हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के संक्रमण में हिंदी का भविष्य’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में तकनीकी बदलाव के दौर में हिंदी की उपयोगिता, संभावनाओं और विद्यार्थियों के लिए उभरते रोजगार के अवसरों पर चर्चा हुई।

एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच हिंदी की संभावनाओं पर चर्चा

संगोष्ठी के मुख्य अतिथि रामदयालु सिंह महाविद्यालय के स्नातकोत्तर हिंदी विभागाध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय अभिषद् सदस्य प्रो. (डॉ.) रमेश प्रसाद ‘ऋतंभर’ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के संदर्भ में हिंदी की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर विचार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, लेकिन हिंदी अपनी सहज ग्रहणशीलता, समासिकता और प्रगतिशीलता के कारण तकनीकी बदलाव के दौर में भी सशक्त बनी हुई है।

रचनात्मक लेखन में रोजगार के नए अवसर

प्रो. रमेश प्रसाद ने विद्यार्थियों को हिंदी अध्ययन के साथ रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार की संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बदलती तकनीक के अनुरूप हिंदी भाषा के प्रयोग और अध्ययन को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के विस्तार के साथ हिंदी में लेखन और अभिव्यक्ति के नए क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। विद्यार्थियों को इन अवसरों के लिए स्वयं को तैयार करने की आवश्यकता है।

सोशल मीडिया से हिंदी के प्रयोग को मिल रहे नए क्षेत्र

संगोष्ठी में सोशल मीडिया और एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच हिंदी भाषा के लिए विकसित हो रहे नए क्षेत्रों पर भी विमर्श हुआ। वक्ताओं ने हिंदी अध्ययन और रचनात्मक लेखन को भविष्य के रोजगार एवं कार्यक्षेत्र से जोड़ने पर जोर दिया।

विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे तकनीकी माध्यमों के बढ़ते प्रभाव के बीच हिंदी के प्रयोग के नए क्षेत्र भी विकसित हो रहे हैं।

दैनिक जीवन में हिंदी के प्रयोग पर प्राचार्य ने दिया जोर

कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राजेश कुमार सिंह ने की। उन्होंने विद्यार्थियों से दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भाषा का विकास उसके नियमित प्रयोग से जुड़ा होता है।

प्राचार्य ने विद्यार्थियों से अध्ययन के साथ-साथ दैनिक व्यवहार और अभिव्यक्ति में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने का आह्वान किया।

दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगीत से हुआ। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. नम्रता गुप्ता ने विषय-प्रवेश के साथ कार्यक्रम का संचालन किया। सहायक प्राध्यापक डॉ. मनदीप राय ने भी संगोष्ठी में अपने विचार व्यक्त किए।

विद्यार्थियों ने भी रखे अपने विचार

संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने हिंदी के भविष्य और तकनीकी परिवर्तन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं महाविद्यालय के कर्मचारियों की सहभागिता रही

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