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‘आर्ट ऑफ लिविंग’ हैप्पीनेस प्रोग्राम में योग, ध्यान और सुदर्शन क्रिया का प्रशिक्षण

पांच दिवसीय Training बुधवार से शुरू

Motihari Raxaul Nepal Boarder area Today’s News by अनिल कुमार।

“श्री श्री रविशंकर” की ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ का पांच दिवसीय हैप्पीनेस प्रोग्राम बुधवार से शुरू हुआ। यह कार्यक्रम पोस्ट ऑफिस रोड स्थित श्री राम जानकी मंदिर सह विवाह भवन में हो रहा है।

योग शिक्षक चंदेश्वर प्रसाद साह के संयोजन में इसे आयोजित किया गया।इस प्रोग्राम में पहले दिन, 20 लोगों ने योग और ध्यान की विधियां सीखीं।

यह शिविर 8 जनवरी से 12 जनवरी तक चलेगा।
प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 9 बजे तक सत्र होंगे।
योग, प्राणायाम, ध्यान और ‘सुदर्शन क्रिया’ सिखाई जा रही है।

योग शिक्षक ने कहा कि यह शिविर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए है।
उन्होंने आत्मिक अभ्यास को जीवन में जरूरी बताया।
कार्यक्रम के व्यवस्थापक ने बताया कि रजिस्ट्रेशन कर कोई भी लाभ ले सकता है।

फोटो: आर्ट ऑफ लिविंग का पांच दिवसीय हैप्पीनेस प्रोग्राम। देश वाणी।


श्री श्री रविशंकर और आर्ट ऑफ लिविंग के बारे में विस्तृत जानकारी-

1. श्री श्री रविशंकर कौन हैं?

  • श्री श्री रविशंकर एक भारतीय आध्यात्मिक गुरु, मानवतावादी और विश्व शांति के दूत हैं।
  • उनका जन्म 13 मई 1956 को तमिलनाडु में हुआ।
  • उन्होंने “आर्ट ऑफ लिविंग” (Art of Living) नामक संस्था की स्थापना 1981 में की।

2. आर्ट ऑफ लिविंग (Art of Living) क्या है?

  • यह एक गैर-लाभकारी संगठन है जो तनावमुक्त और हिंसा रहित समाज बनाने की दिशा में काम करता है।
  • इस संस्था का उद्देश्य लोगों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाना है।
  • मुख्यालय: बेंगलुरु, भारत।

3. किन-किन देशों में सक्रिय है?

  • आर्ट ऑफ लिविंग 180 से अधिक देशों में कार्यरत है।
  • इसके कार्यक्रम दुनियाभर में लाखों लोगों तक पहुंच चुके हैं, जैसे अमेरिका, कनाडा, यूरोप, एशिया, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया।

4. क्या-क्या सिखाया जाता है?

  • सुदर्शन क्रिया: एक विशेष श्वसन तकनीक, जो तनाव को कम करती है और ऊर्जा बढ़ाती है।
  • योग और ध्यान: शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए।
  • प्राणायाम: सांस लेने की विभिन्न तकनीकें।
  • सकारात्मक जीवन जीने के सिद्धांत: आत्मिक शांति और खुशहाली के लिए।
  • नेतृत्व और कौशल विकास: युवाओं और पेशेवरों के लिए।
  • सामाजिक सेवा के मूल्य: समाज के प्रति जिम्मेदारी सिखाई जाती है।

5. कौन-कौन लाभान्वित होते हैं?

  • सामान्य व्यक्ति: तनावमुक्त जीवन और स्वास्थ्य लाभ के लिए।
  • युवा और छात्र: ध्यान और सकारात्मक सोच से एकाग्रता और आत्मविश्वास में वृद्धि।
  • कॉर्पोरेट कर्मचारी: कार्यस्थल पर तनाव कम करने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए।
  • किसान और ग्रामीण समुदाय: प्राकृतिक खेती और मानसिक शांति के लिए।
  • बंदी और कैदी: जेलों में पुनर्वास कार्यक्रम के माध्यम से।
  • प्राकृतिक आपदा पीड़ित: राहत और पुनर्वास सेवाओं के जरिए।

6. विशेष योगदान और कार्यक्रम

  • विश्व शांति सम्मेलन: श्री श्री रविशंकर ने कई देशों में संघर्ष समाधान के लिए शांति वार्ताएं की हैं।
  • शिक्षा और स्वच्छता कार्यक्रम: ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थापना।
  • महिला सशक्तिकरण: महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना।
  • ड्रग-डी-एडिक्शन: नशामुक्ति के लिए विशेष कार्यक्रम।

7. मुख्य उपलब्धियां

  • श्री श्री रविशंकर को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।
  • उनकी शिक्षाएं जाति, धर्म और भाषा के भेदभाव से परे हैं।
  • 500 मिलियन से अधिक लोग उनके कार्यक्रमों का लाभ उठा चुके हैं।
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