देश वाणी। दिलीप दुबे
मोतिहारी। जिले में आयोजित भव्य कृषि मेला चंपारण के किसानों के नवाचार, आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भरता का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। मेले में सजे 150 से अधिक स्टॉलों पर आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों, जैविक उर्वरकों और पारंपरिक हथकरघा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। राजकोट की आधुनिक कटिंग मशीनों से लेकर जैविक मृदा समाधानों तक, हर तकनीक अन्नदाताओं को आकर्षित कर रही है।
इस मेले की सबसे बड़ी खूबी बिचौलियों से मुक्ति है, जहाँ किसानों द्वारा तैयार शुद्ध शहद, जैविक सब्जियां और पारंपरिक अचार सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँच रहे हैं। इससे अन्नदाताओं को अपनी मेहनत का पूरा और वाजिब मूल्य मिल रहा है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.एस. पाण्डेय और कृषि विज्ञान केंद्र पिपराकोठी के प्रमुख डॉ. अरविंद कुमार सिंह के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की टीम किसानों को आधुनिक फसल प्रबंधन, मृदा पोषण और सुरक्षित विपणन के व्यावहारिक गुर सिखाकर इसे ज्ञान और समृद्धि का सशक्त मंच बना रही है।



