देशवाणी। माला सिन्हा
पीपराकोठी।
कृषि विज्ञान केंद्र पीपराकोठी में चल रहे 69 वें बैच के 15 दिवसीय समेकित पोषक तत्व प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समारोहपूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह में कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने खेती की बढ़ती लागत के बीच मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने और बेहतर उत्पादन के लिए संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन को समय की जरूरत बताया। समारोह में आईसीएआर के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने कहा कि लगातार बढ़ती कृषि उत्पादन की आवश्यकता के बीच मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना बड़ी चुनौती है। किसानों को फसल की जरूरत के अनुसार संतुलित मात्रा में पोषक तत्वों का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी लंबे समय तक बरकरार रहेगी। कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान हासिल वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी को किसानों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समेकित पोषक तत्व प्रबंधन खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने में अहम भूमिका निभाता है। जैविक खाद, रासायनिक उर्वरक तथा अन्य पोषक तत्वों का वैज्ञानिक संतुलन बनाकर उपयोग करने से मृदा स्वास्थ्य के साथ फसल उत्पादकता को भी बेहतर किया जा सकता है। उद्यान विभाग के उप निदेशक विकास कुमार एवं आत्मा के उप परियोजना निदेशक डॉ. धीर प्रकाश धीर ने भी प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसानों के बीच वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का प्रसार होने से उत्पादन लागत कम करने और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल तकनीकी जानकारी देना नहीं, बल्कि उसे खेतों तक पहुंचाकर किसानों को इसका प्रत्यक्ष लाभ दिलाना भी है। समारोह में कृषि विज्ञान केंद्र की विषय वस्तु विशेषज्ञ सविता कुमारी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही. कार्यक्रम का मंच संचालन टीसीए , ढोली के कृषि विषय के रावे विद्यार्थियों सुष्मिता सिंह, मधु यादव, अंशिका सिंह एवं अंकिता दायमा ने किया। प्रशिक्षण लेने वालों के बीच प्रमाण पत्र का भी वितरण किया गया।



