नेपाल बॉर्डर से भटककर तुरकौलिया पहुंचे राजन विस्वा, पूर्व मुखिया राकेश मिश्र ने सोशल मीडिया से परिजनों को खोजा निकाला
देशवाणी। आशा कुमारी
मोतिहारी।
नेपाल बॉर्डर के समीप स्थित गाँव परसौनी से 28 दिन पहले भटके वृद्ध राजन विस्वा को तुरकौलिया प्रखंड के मथुरापुर के पूर्व मुखिया राकेश मिश्र ने परिजनों से मिलवाया। 28 दिनों बाद अपने पिता को सकुशल पाकर पुत्र अमरेश कुमार और पतोहू हिना कुमारी की आंखों से आंसू छलक पड़े।
अमरेश और हिना ने कहा कि कुशहर गांव के रहने वाले पूर्व मुखिया राकेश मिश्र, अतुल मिश्र और ग्रामीणों ने हमारे बिछड़े पिता से मिलवाकर बहुत बड़ा एहसान किया है, जिसे हम आजीवन नहीं भूलेंगे।
दम्पति ने बताया कि 28 दिन पूर्व राजन विस्वा खेत से सब्जी तोड़ने के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उसी दिन से हम सभी उनकी खोज में जुटे थे। रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में काफी तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। समय बीतने के साथ हम लोग निराश होने लगे थे। जंगल से निकले जानवरों का भय भी सता रहा था कि कहीं जानवर ने उन्हें कुछ कर दिया हो।
राजन विस्वा मूल रूप से नेपाल बॉर्डर के समीप स्थित पश्चिम चंपारण जिले के डुमरी गोवर्धना थाना क्षेत्र के परसौनी गांव के रहने वाले हैं। वे भटकते हुए पैदल ही तुरकौलिया प्रखंड के मथुरापुर पंचायत के कुशहर गांव पहुंच गए।
पूर्व मुखिया राकेश मिश्र ने बताया कि सोमवार शाम में वृद्ध राजन नंग धड़नग अवस्था में उनके गांव में आए। ग्रामीण उन्हें पकड़कर मेरे दरवाजे पर ले आए। सबसे पहले उन्हें कपड़ा पहनाया गया और खाना खिलाया गया। खाना खाने के बाद उनके चेहरे पर आत्म संतुष्टि दिखी, तब उन्होंने अपने घर के बारे में बताया।
उनके घर तक खबर पहुंचाने में मोतिहारी डीसीएलआर कार्यालय में कार्यरत अतुल मिश्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अतुल मिश्र ने ही सोशल मीडिया के माध्यम से वृद्ध की फोटो और जानकारी को परसौनी गांव तक पहुंचाया। रात में ही उनके पुत्र और पतोहू ने वीडियो कॉल पर अपने बिछड़े पिता से बात की।
सूचना मिलते ही पुत्र अमरेश कुमार और पतोहू हिना कुमारी तुरकौलिया पहुंचे और अपने पिता को सकुशल घर ले गए। कुशहर के ग्रामीणों के इस मानवीय कार्य की तुरकौलिया थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने भी सराहना की है।



