HomeBIHARबेतियाडिजिटाइज्ड जमाबंदी शुद्धिकरण और उत्तराधिकार नामांतरण को लेकर विशेष अभियान शुरू

डिजिटाइज्ड जमाबंदी शुद्धिकरण और उत्तराधिकार नामांतरण को लेकर विशेष अभियान शुरू

Bettiah. रवि कुमार मिश्रा।

बेतिया/नरकटियागंज। बिहार सरकार के मुख्य सचिव ने डिजिटाइज्ड जमाबंदियों (रजिस्टर-2) में व्यापक सुधार और मृत जमाबंदीदारों के वैध वारिसों के नाम जमीन दर्ज करने के लिए जमाबंदी अद्यतीकरण एवं नामांतरण उत्तराधिकार विशेष अभियान’ को मिशन मोड में संचालित करने का निर्देश दिया है। यह विशेष अभियान 15 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा। मुख्य सचिव द्वारा जारी पत्र के अनुसार डिजिटाइजेशन के दौरान कई जमाबंदियों में मूल पंजी की तुलना में रैयत का नाम, पिता का नाम, खाता, खेसरा, रकबा व लगान में त्रुटियां पाई गई हैं। इसके अलावा कई अभिलेखों में जानकारी गायब है अथवा मृत रैयतों के नाम से ही जमाबंदी चल रही है। इधर सीओ शमन प्रकाशन बताया कि इस अभियान के तहत मुख्य रूप से दो कार्य होंगे—पहला, डिजिटल जमाबंदी अभिलेख को मूल पंजी के अनुरूप शुद्ध करना और दूसरा, मृत जमाबंदीदारों के वैध उत्तराधिकारियों के नाम से नामांतरण करना। उन्होंने कहा कि हल्का वार डिजिटाइज्ड जमाबंदी का मिलान मूल पंजी (रजिस्टर-2) की स्कैन कॉपी से किया जाएगा। मूल अभिलेखों की सुरक्षा के लिए अभिलेखागार में रखी मूल पंजी को बाहर नहीं निकाला जाएगा। जिन मामलों में मूल पंजी में ही जानकारी उपलब्ध नहीं है, वहां अंचल कर्मी परिमार्जन प्लस व राजस्व महाअभियान के आवेदनों, उपलब्ध दस्तावेजों या जरूरत पड़ने पर स्थल नापी के जरिए सूचनाएं जुटाएंगे। इसके लिए रैयतों से न तो कोई आवेदन लिया जाएगा और न ही नापी शुल्क वसूल किया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि नापी कार्यों के लिए विशेष सर्वेक्षण में लगे अमीनों की सहायता ली जाएगी। त्रुटिपूर्ण जमाबंदियों की सूची राजस्व कर्मचारी और अंचलाधिकारी के लॉगिन में विभाग द्वारा सीधी उपलब्ध कराई जाएगी। राजस्व कर्मचारी निर्धारित प्रारूप में त्रुटियों की जांच कर सुधार का प्रस्ताव तैयार करेंगे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular