देश वाणी। दिलीप दुबे
मोतिहारी। अपनी 11 सूत्री मांगों के समर्थन में शुक्रवार को स्थानीय निकाय कर्मचारियों ने मोतिहारी में जोरदार प्रदर्शन किया। बिहार लोकल बॉडीज एंप्लॉइज फेडरेशन एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। कर्मचारियों ने प्रशासनिक उदासीनता और उनकी लंबित समस्याओं का समाधान न किए जाने के विरोध में आक्रोश जताया।
संघ के नेताओं का कहना है कि विभागीय आदेशों के अनुपालन में लगातार हो रही लापरावाही और कर्मचारी हितों की अनदेखी से कर्मियों में भारी असंतोष व्याप्त है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे 3 नवंबर से पूर्ण हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इसी कड़ी में शुक्रवार को सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत मुख्यालयों का घेराव किया गया।
संघ की प्रमुख मांगों में कर्मचारी संगठनों के साथ नियमित मासिक बैठक आयोजित करना, 30 जुलाई से 06 अगस्त 2026 तक चली आठ दिवसीय हड़ताल की अवधि का वेतन भुगतान सुनिश्चित करना और हड़ताल के दौरान की गई सभी दंडात्मक कार्रवाई व वेतन कटौती को वापस लेना शामिल है। इसके अलावा, नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देशों के तहत सभी कर्मियों के अद्यतन विवरण की समेकित सूची विभाग को उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई, ताकि सेवा संबंधी नीतिगत निर्णय लेने में विलंब न हो। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



