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विकास के दावों की खुली पोल, उपेक्षा का शिकार हुआ डेढ़ किमी सड़क , कच्ची सड़क को युवाओं ने चंदा लगाकर चलने लायक बनाया

3 से 4 किलोमीटर ज्यादा दूरी तय कर जाना पड़ता है प्रखंड सह अंचल और अनुमंडल मुख्यालय,बरसात में पूरी तरह बन्द हो जाता है आवागमन

Bettiah.रवि कुमार मिश्रा

बेतिया/नरकटियागंज। विकास के तमाम दावों के बीच प्रखंड के राजपुर तुमकड़िया पंचायत अंतर्गत मठिया गांव समेत करीब आधा दर्जन गांवों को प्रखंड और अनुमंडल मुख्यालय से जोड़ने वाली कच्ची सड़क आज भी प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की घोर उपेक्षा का शिकार है। लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी यह सड़क सालों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है, लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।

सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया से लेकर जिला परिषद सदस्य समेत क्षेत्रीय विधायक तक का दरवाजा खटखटाया और लिखित-मौखिक गुहार लगाई। लेकिन आज तक किसी ने इस सड़क की सुधि नही ली। उक्त सड़क में समाधान के नाम पर पंचायत सरकार द्वारा महज 600 फीट सड़क पर सोलिंग कराकर औपचारिकता पूरी कर ली गई। इसके बाद से स्थिति जस की तस बनी हुई है।ग्रामीणों का कहना है कि कच्ची सड़क होने के कारण सड़क से आवागमन में परेशानी होती है। 

हर साल मानसून के समय यह मार्ग पूरी तरह दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे गाड़ियों के साथ-साथ पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। मुख्य रास्ता बंद होने पर ग्रामीणों को पंचायत मुख्यालय, प्रखंड सह अंचल और अनुमंडल कार्यालय जाने के लिए दूसरे लंबे रास्ते का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उन्हें 3 से 4 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इतना ही नही किसी के मृत्यु के बाद शव को श्मशान घाट ले जाने के दौरान यह समस्या और भी भयावह रूप ले लेती है। वही सोमवार को प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर आखिरकार गांव के युवाओं ने खुद ही रास्ता निकालने की ठानी। 

सोनास्ती गांव के मनीष चौबे, मठिया के मजीद मियां, बलिंद्र शर्मा, आर्यन मिश्रा और अनिल चौबे समेत अन्य युवाओं ने आपस में आर्थिक सहयोग जुटाया। युवाओं ने आपसी चंदे के माध्यम से ट्रैक्टर से मिट्टी मंगवाकर गड्डों को भरवाया और सड़क को इस योग्य बनाया कि कम से कम लोग आ-जा सकें। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर जल्द ही इस एक किलोमीटर लंबी सड़क का पक्कीकरण नहीं कराया गया, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाए ताकि इस गंभीर समस्या से लोगो को निजात मिल सके।

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