Bettiah। नौशाद अहमद। लौरिया।
नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों को अब चिह्नित कर उन्हें टीकाकरण की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा, समाज कल्याण, आईसीडीएस, जीविका और पंचायती राज विभाग मिलकर अभियान चलाएंगे। मंगलवार को लौरिया सामुदायिक अस्पताल में आयोजित प्रखंड स्तरीय इंटर-डिपार्टमेंटल कन्वर्जेन्स बैठक में इसको लेकर विभागों के बीच समन्वय की रणनीति तैयार की गई।
बैठक की अध्यक्षता प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोशन कुमार ने की। उन्होंने कहा कि नियमित टीकाकरण का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब क्षेत्र का कोई भी बच्चा आवश्यक टीकों से वंचित न रहे। स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अन्य विभागों के कर्मी अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे बच्चों की पहचान करें और उनके अभिभावकों से संपर्क कर समय पर टीकाकरण सुनिश्चित कराएं।
बैठक में अधिकारियों ने माना कि टीकाकरण से छूटने के पीछे कई बार अभिभावकों की जागरूकता की कमी, गलतफहमी और भ्रांतियां प्रमुख कारण होती हैं। ऐसे परिवारों से सीधे संवाद कर उन्हें टीकाकरण के फायदे और बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी जाएगी।
ग्रामीण स्तर पर आंगनबाड़ी सेविका, जीविका दीदी, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी और पंचायत प्रतिनिधि अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इनके माध्यम से घर-घर संपर्क कर टीकाकरण से छूटे बच्चों की जानकारी जुटाने के साथ अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा कर कम कवरेज वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की बात भी कही गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों की साझा जिम्मेदारी है। विभागों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए शत-प्रतिशत बच्चों को आवश्यक टीकों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में अस्पताल प्रबंधक राहुल कुमार, बीसीएम रीना मोदी, बीपीएम ललन कुमार, प्रोजेक्ट कन्सर्न इंडिया फाउंडेशन के विजय चौबे, डॉ. सूर्य प्रकाश, डॉ. किसलय सुमन समेत स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न विभागों के पदाधिकारी व प्रतिनिधि मौजूद रहे।



