HomeBIHARबेतियानरकटियागंज-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर फर्जी ट्रैकमैन बनकर घूमते दो महाराष्ट्र के युवक गिरफ्तार,

नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर फर्जी ट्रैकमैन बनकर घूमते दो महाराष्ट्र के युवक गिरफ्तार,

नौकरी के नाम पर महाराष्ट्र के 2 युवकों से 10-10 लाख की ठगी, ट्रेनिग के बाद व्यवस्था के साथ ट्रेक पर भेजा गया

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा,रेल पुलिस मामले की जांच में जुटी।

Bettiah. रवि कुमार मिश्रा।

​बेतिया/नरकटियागंज। राजकीय रेल पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर रेलखंड स्थित मुसहरवा हाल्ट के समीप रेलवे ट्रैक से दो फर्जी ट्रैकमैन को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवकों के पास से मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे के फर्जी पहचान पत्र, हथौड़ा, लाल-हरा झंडा और बांस की पट्टियां बरामद की गई हैं। पुलिस की पूछताछ में रेलवे भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।

​ मामले में आरपीएफ पोस्ट कमांडर ऋतुराज कश्यप ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 07:55 बजे की-मैन शिवपूजन साह ने पीडब्ल्यूआई बेतिया अवधेश कुमार को सूचना दी कि मुसहरवा हाल्ट के पास तीन संदिग्ध युवक औजार और झंडे लेकर ट्रैक पर घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही एएसआई कमलेश सिंह यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सुबह करीब 08:40 बजे दो युवकों को रेलवे ट्रैक से गिरफ्तार कर लिया हालांकि एक अन्य साथी मौके से फरार हो गया। गिरफ्तार युवकों की पहचान महाराष्ट्र निवासी कुणाल आनंद (21 वर्ष) और दिनेश बारकू धनगर (23 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि समस्तीपुर निवासी शैलेंद्र सिंह ने उन्हें स्पोर्ट्स कोटा के तहत रेलवे में ट्रैकमैन की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 10-10 लाख रुपये ऐंठे थे।

​कथित प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ठगों ने ही उन्हें नरकटियागंज में रेलवे ट्रैक के सर्वे के नाम पर काम करने भेजा था। जांच के दौरान उनके पास मिले दोनों पहचान पत्र पूरी तरह फर्जी पाए गए। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रैकमैन के पद पर ऐसी कोई भर्ती प्रक्रिया आयोजित नहीं की गई थी। वही इस घटना में शामिल फरार तीसरे आरोपी की पहचान महाराष्ट्र निवासी आदित्य महादु पाटील के रूप में हुई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। रेल पुलिस ने इस मामले में कांड संख्या 41/26 दर्ज कर आगे की कारवाई में जुट गई है। पुलिस फर्जी आईकार्ड जारी करने वाले और 10 लाख रुपये ऐंठने वाले मुख्य सरगना शैलेंद्र सिंह समेत पूरे अंतरराज्यीय ठग गिरोह का सुराग लगाने में जुट गई है।

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