देशवाणी। आशा कुमारी
मोतिहारी।
हरसिद्धि थाना क्षेत्र के बैरिया डीह पंचायत स्थित बभनन धवही गांव में एक पुत्र ने अपने वृद्ध पिता की सेवा कर श्रवण कुमार की याद ताजा कर दी। गांव के द्वारिका साहनी ने सावन की अंतिम सोमवारी पर अपने वृद्ध पिता भरत साहनी को कांवड़ पर बैठाकर मठलोहियार स्थित बाबा भोलेनाथ मंदिर पहुंचाया और उनसे विधि-विधान के साथ जलाभिषेक कराया।
द्वारिका साहनी की इस अनूठी कांवड़ यात्रा में गाजे-बाजे, हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। रास्ते में यात्रा को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालु और ग्रामीण इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए और कहने लगे कि कलयुग में भी श्रवण कुमार जैसे पुत्र मौजूद हैं, जो अपने माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म मानते हैं।
द्वारिका साहनी ने बताया कि वे भगवान बजरंगबली और मां काली के परम भक्त हैं। उनकी वर्षों पुरानी इच्छा थी कि वे अपने पिता को कांवड़ पर बैठाकर बाबा भोलेनाथ के दर्शन कराएं। हालांकि, तीन वर्ष पूर्व उनकी माता का निधन हो गया, जिससे उनकी यह इच्छा अधूरी रह गई। इसके बाद उन्होंने अपने पिता भरत साहनी के सामने अपनी इच्छा व्यक्त की। यह सुनकर पिता की आंखें नम हो गईं और उन्होंने सहर्ष अपनी सहमति दे दी।
इस धार्मिक यात्रा को सफल बनाने में उनकी पत्नी माला देवी, पुत्री शंभूवी देवी, बहन शैल देवी और बहनोई सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने पूरा सहयोग किया। कांवड़ यात्रा में गांव की दर्जनों महिलाएं भी शामिल रहीं और पूरे रास्ते भक्ति गीतों एवं जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा।
द्वारिका साहनी के इस प्रेरणादायी कार्य की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। लोग इसे माता-पिता के प्रति सम्मान, सेवा और भारतीय संस्कृति के आदर्श मूल्यों का जीवंत उदाहरण बता रहे हैं।




