माला सिन्हा
पीपराकोठी : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर आईसीएआर-आरसीईआर, पटना के कृषि छात्रों द्वारा पूर्वी चंपारण जिले के बरकुबरा गांव में ग्रामीण कृषि कार्यानुभव कार्यक्रम के तहत व्यापक आधारभूत सर्वेक्षण (बेसलाइन सर्वे) सफलतापूर्वक संपन्न किया गया. इस सर्वेक्षण का उद्देश्य गांव की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, कृषि व्यवस्था तथा किसानों की आजीविका से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का संग्रह करना था. सर्वेक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं ने घर-घर जाकर ग्रामीण परिवारों से संपर्क किया और जनसंख्या, शिक्षा स्तर, परिवार के आकार, कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि प्रसार अधिकारियों से किसानों के जुड़ाव जैसी जानकारियां एकत्रित कीं. इसके साथ ही परिवारों की आय के प्रमुख स्रोत, सहकारी समितियों में सदस्यता, वित्तीय समावेशन, पशुधन, कृषि यंत्रों तथा घरेलू संसाधनों की उपलब्धता का भी विस्तृत अध्ययन किया गया. छात्रों ने खरीफ, रबी एवं जायद फसलों की खेती, फसल चक्र, उन्नत बीजों के उपयोग, सिंचाई व्यवस्था, उर्वरक प्रबंधन तथा फसलों में लगने वाले कीट, रोग और खरपतवार नियंत्रण की वर्तमान स्थिति का भी आकलन किया. इसके अलावा विभिन्न फसलों की उत्पादन लागत, उपज एवं किसानों को होने वाले लाभ-हानि का आर्थिक विश्लेषण भी किया गया.
सर्वेक्षण दल के छात्रों ने बताया कि एकत्रित आंकड़ों का उपयोग गांव में आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार, कृषि लागत में कमी तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने में किया जाएगा. ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए छात्रों को पूरा सहयोग दिया और भविष्य में कृषि पद्धतियों के सुधार के लिए ऐसे प्रयासों को उपयोगी बताया.












