जानकारी के अनुसार, भभटा गांव की आशा कार्यकर्ता हमीदा खातून अपनी मरीज हसीना खातून को जांच के लिए अस्पताल लेकर पहुंची थीं। आरोप है कि मरीज को लाइन में आगे ले जाने के प्रयास के दौरान ड्यूटी पर तैनात महिला सुरक्षा गार्ड अंशु कुमारी ने उन्हें निर्धारित पंक्ति में खड़ा होने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में हाथापाई में बदल गई।
आशा कार्यकर्ता हमीदा खातून का आरोप है कि सुरक्षा गार्ड ने उन्हें धक्का दिया और विरोध करने पर उनके साथ-साथ मरीज के साथ भी मारपीट की। वहीं, सुरक्षा गार्ड अंशु कुमारी का कहना है कि वह अस्पताल में व्यवस्था बनाए रखने के लिए मरीजों को पंक्तिबद्ध कर रही थीं और लाइन तोड़ने से रोकने पर विवाद उत्पन्न हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अन्य आशा कार्यकर्ता अस्पताल पहुंच गईं और सुरक्षा गार्ड के खिलाफ प्रदर्शन करने लगीं। स्थिति बिगड़ती देख सुरक्षा गार्ड अस्पताल प्रबंधक के कार्यालय में चली गईं।
सूचना पर शिकारपुर थाना के एसआई पप्पू कुमार पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया।
अस्पताल प्रबंधक विपिन राज ने बताया कि घटना की सूचना वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। दोनों पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है तथा मामले की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।












