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‘संस्कृति के सोपान’ के लिए प्रो. (डॉ.) स्वयंभू शलभ को मिला ‘सत्याग्रह सम्मान–2025’

Motihari | रक्सौल | संवाददाता : अनिल कुमार


मोतिहारी में ख्वाब फाउंडेशन ने किया सम्मान समारोह का आयोजन

बीते रविवार को मोतिहारी स्थित आर्य विद्यापीठ के सभागार में ख्वाब फाउंडेशन द्वारा आयोजित भव्य सम्मान समारोह में रक्सौल के जाने-माने साहित्यकार प्रो. (डॉ.) स्वयंभू शलभ को उनकी छठी पुस्तक ‘संस्कृति के सोपान’ के लिए ‘सत्याग्रह सम्मान–2025’ से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर शलभ के साहित्यिक जीवन और रचनात्मक योगदान पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसे उपस्थित साहित्य–प्रेमियों और विद्यार्थियों ने खूब सराहा।


कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

समारोह में बतौर मुख्य अतिथि एस.एन.एस. कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. (डॉ.) प्रदीप कुमार, तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में आर्य विद्यापीठ के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. रंजीत कुमार शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, जिसके बाद अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर किया गया।

इस मौके पर फाउंडेशन के संस्थापक मुन्ना कुमार द्वारा रचित ‘कलामवाद’ नामक पुस्तक — जो डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन व विचारों पर आधारित है — का विमोचन भी अतिथियों के हाथों किया गया।


डॉ. शलभ का संबोधन : “कलम को बनाना होगा बदलाव की ताकत”

सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. स्वयंभू शलभ ने कहा कि “एक सच्चे लेखक के लिए लेखन का उद्देश्य केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में योगदान होना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि आज के समय में कलम को समाज के उत्थान का माध्यम बनाना आवश्यक है, ताकि लेखन केवल विचार न रहे, बल्कि प्रेरणा भी बन सके।


साहित्य, शिक्षा और पत्रकारिता क्षेत्र के प्रतिनिधि हुए सम्मानित

इस आयोजन में चंपारण समेत कई जिलों से आए लेखकों, शिक्षकों और पत्रकारों ने भाग लिया। विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को सम्मान पत्र और स्मृति–चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
साथ ही, साहित्य, शिक्षा और समाज सेवा में योगदान देने वाले कई नामचीन हस्तियों को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।


कार्यक्रम का संचालन और समापन

ख्वाब फाउंडेशन के सदस्यों ने मंच संचालन एवं अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्पणा सिन्हा ने सभी उपस्थित प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
समारोह का समापन सामूहिक छायाचित्र और सामूहिक वंदना के साथ हुआ।


Motihari Prof. Dr Swayambhu Shalabh Honored with Satyagraha Samman–2025 for Sanskriti Ke Sopan

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