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नेपाल में घाटी, कोशी,मधेस व बागमती में बाढ़ से जान-माल की बड़ी क्षति

काठमांडू। नेपाल में नेपाल घाटी, कोशी मधेश प्रांत व बागमती समेत कई इलाक़ों में बाढ़ जान-माल की बड़े पैमाने पर क्षति की खबरें विभिन्न मीडिया स्रोतों से प्राप्त हो रही हैं।

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काठमांडू। नेपाल में नेपाल घाटी, कोशी मधेश प्रांत व बागमती समेत कई इलाक़ों में बाढ़ जान-माल की बड़े पैमाने पर क्षति की खबरें विभिन्न मीडिया स्रोतों से प्राप्त हो रही हैं।

बारिश के कारण आई बाढ़ में क़रीब साढ़े तीन सौ घर और डेढ़ दर्जन पुल क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 3 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जानें बचायी गयी हैं ।

नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल के अनुसार करीब सवा सौ लोगों की मौत हो गयी है। मीडिया से मिल रही ख़बरों के अनुसार पांच दर्जन से ज्यदा लोग घायल हैं।साढे पांच दर्जन से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं।
आज दोपहर पूरे देश में मौसम में सुधार होने के बाद त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ-साथ देश के आठ अन्य हवाई अड्डों से घरेलू हवाई परिवहन सेवा फिर से शुरू हो गयी।

पुलिस के मुताबिक, काठमांडू घाटी से 1.5 हज़ार से ज़्यादा लोगों को बचाया गया है, कोशी से 853 लोगों को, मधेश प्रांत से 56 लोगों को और बागमती से 494 लोगों को बचाया गया है।

नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल ने अकेले काठमांडू घाटी में 48 से ज़्यादा लोगों की मौत की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, काठमांडू घाटी से 1500 से ज़्यादा लोगों को बचाया गया है, कोशी से 853 लोगों को, मधेश प्रांत से 56 लोगों को और बागमती से 494 लोगों को बचाया गया है।
 
कार्यवाहक प्रधानमंत्री प्रकाश मान सिंह ने सभी सरकारी मशीनरी को त्वरित आपदा प्रतिक्रिया जुटाने का निर्देश दिया है और नेपाल में मौजूदा बाढ़ की स्थिति पर चर्चा करने के लिए आज सिंह दरबार में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। सुरक्षाकर्मी सिविल सेवकों, समुदाय-आधारित संगठनों, राजनीतिक दलों, नागरिक समाज और स्थानीय लोगों की मदद से खोज, बचाव, राहत और पुनर्वास में चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
 
 
आज दोपहर पूरे देश में मौसम में सुधार होने के बाद त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ-साथ देश के आठ अन्य हवाई अड्डों से घरेलू हवाई परिवहन सेवा फिर से शुरू हो गई है।

इंस्ट्रूमेंट फ़्लाइट रूल्स सिस्टम का उपयोग करने वाली उड़ानों को आज रात 10:00 बजे तक की अनुमति दी गई है। गौरतलब है कि शुक्रवार और शनिवार को खराब मौसम के कारण 400 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई थीं। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रतिदिन लगभग 150 से 160 उड़ानें होती हैं। सुर्खेत हवाई अड्डे को छोड़कर सभी हवाई अड्डों से नियमित उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं।

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