-कृषि नवाचारों की ली जानकारी
-अधिकारी ने जैविक खाद के प्रयोग तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया.
फोटो : पडौलिया में प्रगतिशील किसान के खेती का जायजा लेते अधिकारी
माला सिन्हा
पीपराकोठी : कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और किसानों तक पहुंच रहे तकनीकी हस्तक्षेपों का जायजा लेने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के कृषि प्रसार महानिदेशक डॉ. आर.के. सिंह एवं आईसीएआर अटारी पटना के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. मोनबुरुल्लाह ने कृषि विज्ञान केंद्र, पीपराकोठी के पहल वाले गांवों का दौरा किया. अधिकारियों ने पाडौलिया के प्रगतिशील किसान सेवानिवृत सैनिक राजेश कुमार एवं झखरा गांव पहुंचकर प्रगतिशील किसानों के खेतों का भ्रमण किया और वहां अपनाई जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी ली.भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने किसानों द्वारा तैयार वर्मी कंपोस्ट, फसल विविधीकरण, प्रत्यक्ष बीज बुवाई प्राकृतिक खेती तथा बागवानी आधारित खेती का अवलोकन किया. उन्होंने अमरूद एवं लीची के बागों का भी निरीक्षण किया और किसानों से उत्पादन, लागत, बाजार तथा कृषि तकनीकों से होने वाले लाभ के संबंध में जानकारी ली. अधिकारियों ने किसानों को खेती में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, जैविक खाद के प्रयोग तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया. दौरे के दौरान अधिकारियों ने आईसीएआर पटना हब के रावे कार्यक्रम में शामिल कृषि छात्र-छात्राओं के साथ भी संवाद किया. छात्रों ने कृषि से संबंधित विभिन्न मॉडलों एवं प्रोजेक्ट का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने छात्रों द्वारा तैयार मॉडलों का अवलोकन करते हुए उन्हें महत्वपूर्ण सुझाव दिए तथा कृषि शिक्षा को खेतों की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने पर जोर दिया. अधिकारियों ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों, प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण और बागवानी को अपनाना जरूरी है. इस तरह के क्षेत्र भ्रमण से किसानों के अनुभवों को समझने और कृषि छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने में मदद मिलती है. भ्रमण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक डा अरविन्द कुमार सिंह के साथ अन्य वैज्ञानिकों, कर्मियों, किसानों एवं कृषि छात्रों की सहभागिता रही.




