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मैत्री पुल पर एसएसबी पोस्ट निर्माण पर क्यों हो रहा विवाद? क्या विदेशी घुसपैठ रोक के लिए जरूर है पोस्ट!

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Motihari Latest news|Indo-Nepal Border| Raxaul| अनिल कुमार|


विवाद की शुरुआत: एसएसबी पोस्ट निर्माण पर विरोध

रक्सौल: भारत-नेपाल सीमा पर स्थित मैत्री पुल पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) द्वारा एक नई पोस्ट के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
नेपाल भारत विश्व मैत्री संघ के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रवीण मैनाली ने हाल ही में इस पुल का दौरा किया और भारतीय कस्टम व इमिग्रेशन अधिकारियों से मिलकर इस निर्माण का कड़ा विरोध दर्ज कराया।

वहीं सुरक्षा से जुड़े कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल के रास्ते हाल के दिनों में भारत में विदेशियों की अवैध घुसपैठ कोशिश बढ़ी है।
ऐसे में एसएसबी पोस्ट इस गतिविधि पर नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है।


‘नो मैन्स लैंड’ में निर्माण बताया अवैध

प्रवीण मैनाली ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैत्री पुल ‘नो मैन्स लैंड’ (जहां किसी एक देश का अधिकार क्षेत्र नहीं होता) पर स्थित है, और वहां किसी भी प्रकार का निर्माण अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
उन्होंने बताया कि यह पोस्ट आम पैदल यात्रियों के रास्ते पर बन रही है, जिससे लोगों को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


रिश्तों में दरार की आशंका जतायी

मैनाली ने चेतावनी दी कि यदि एसएसबी पोस्ट हटायी नहीं गयी, तो इससे भारत और नेपाल के दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों में खटास आ सकती है।
उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच “बेटी-रोटी का रिश्ता” है, और इस तरह का निर्माण कार्य उस सांस्कृतिक संबंध को नुकसान पहुंचा सकता है।


पहले भी हटानी पड़ी थी पोस्ट

मैनाली ने यह भी कहा कि इसी स्थान पर पहले भी एसएसबी ने एक पोस्ट बनाई थी, जिसे भारी विरोध के चलते हटाना पड़ा था।
उन्होंने अब फिर से उसी जगह पर निर्माण को “दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक” बताया।


सुरक्षा विशेषज्ञों का तर्क: पोस्ट जरूरी

वहीं सुरक्षा से जुड़े कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल के रास्ते हाल के दिनों में भारत में विदेशियों की अवैध घुसपैठ बढ़ी है।
ऐसे में एसएसबी पोस्ट इस गतिविधि पर नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है।


मध्यस्थता की अपील-

इस पूरे मामले में लोगों ने भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकल सके और दोनों देशों के नागरिकों के पारंपरिक संबंधों को कोई क्षति न पहुंचे।


नेपाल भारत मैत्री संघ की मांग

नेपाल भारत विश्व मैत्री संघ ने सरकार से अपील की है कि इस मुद्दे का समाधान जल्द निकाला जाए, ताकि आम नागरिकों की परेशानी कम हो और सीमा पर शांति बनी रहे।


निष्कर्ष:
मैत्री पुल पर एसएसबी पोस्ट निर्माण एक संवेदनशील मुद्दा बनता जा रहा है। जहां एक ओर सुरक्षा की आवश्यकता को माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय नियमों और जनभावनाओं की अनदेखी से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव की आशंका भी जताई जा रही है।

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