HomeBIHARमोतिहारीचम्पारण परिवर्तन महोत्सव में सांसद ने दिया जनभागीदारी का संदेश

चम्पारण परिवर्तन महोत्सव में सांसद ने दिया जनभागीदारी का संदेश

देश वाणी। दिलीप दुबे

मोतिहारी। चंपारण परिवर्तन महोत्सव में सांसद एवं पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने उत्साह के साथ सहभागिता की और उपस्थित विशाल जनसमुदाय को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चंपारण परिवर्तन महोत्सव महज एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह नई सोच, नए संकल्प और एक विकसित चंपारण के निर्माण की दिशा में उठाया गया सामूहिक प्रयास का एक सशक्त प्रतीक है।

श्री सिंह ने चंपारण के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक धरती से महात्मा गांधी ने सत्याग्रह के जरिए देश के स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा दी थी। चंपारण ने हमेशा देश और समाज को सही मार्ग दिखाया है, और आज आवश्यकता इस बात की है कि हम अपने इसी गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेते हुए आधुनिक, आत्मनिर्भर और विकसित चंपारण के निर्माण का दृढ़ संकल्प लें।

परिवर्तन के असली अर्थ को समझाते हुए उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल व्यवस्था में बदलाव लाना नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आधुनिक कृषि, रोजगार सृजन, बेहतर बुनियादी सुविधाओं, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में निरंतर विकास के माध्यम से चंपारण को नई ऊंचाइयों पर ले जाना हम सबका सामूहिक दायित्व है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए सांसद ने कहा कि देश आज विकास के नए पथ पर अग्रसर है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में बिहार और चंपारण की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। चंपारण की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए इसे विकास और पर्यटन के नए अवसरों से जोड़ना समय की मांग है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चंपारण का वास्तविक विकास तभी संभव है जब विकास की धारा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास तथा रोजगार के नए द्वार खुलें। स्थानीय प्रतिभा, स्थानीय उत्पादों और संसाधनों को प्रोत्साहन देकर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है। अंत में, उन्होंने सभी से आह्वान किया कि चंपारण के विकास को सिर्फ सरकार का काम न मानकर इसे जनभागीदारी का एक विशाल अभियान बनाएं, जिससे यह क्षेत्र देश और दुनिया के लिए नवाचार और आत्मनिर्भरता का प्रेरणा स्रोत बन सके।

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