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योगापट्टी में भूमि परिमार्जन और दाखिल-खारिज के नाम पर साइबर ठगी, सीओ ने किया सतर्क

अंचल कार्यालय का कर्मचारी बनकर ठग रहे जालसाज, क्यूआर कोड भेजकर मांग रहे ऑनलाइन रुपये

देशवाणी।अवधेश कुमार शर्मा।

बेतिया। पश्चिम चम्पारण जिले के योगापट्टी अंचल क्षेत्र में भूमि परिमार्जन और दाखिल-खारिज के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठग स्वयं को अंचल कार्यालय का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन कर रहे हैं और भूमि संबंधी कार्य शीघ्र कराने का झांसा देकर क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन रुपये मांग रहे हैं। इस तरह के मामले सामने आने के बाद अंचल प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

सरकारी कर्मचारी बनकर कर रहे ठगी

जानकारी के अनुसार, भूमि परिमार्जन और म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) कराने के नाम पर लोगों को फोन कर ठगी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की शिकायतें मिल रही हैं। ठग सरकारी कर्मचारी होने का दावा कर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश करते हैं और फिर काम जल्द कराने के नाम पर ऑनलाइन भुगतान करने का दबाव बनाते हैं।

सीओ ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील

योगापट्टी के अंचलाधिकारी विक्रम सिंह ने शनिवार को मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान आम लोगों को ऐसे साइबर ठगों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि सिसवा के रामचंद्र साह, मठिया रसूलपुर के सुमन पांडेय, सेमरी के सुमित कुमार चौरसिया और सिरिसिया के अर्जुन कुशवाहा समेत अन्य लोगों के ठगी का शिकार होने की जानकारी मिली है।

सीओ ने स्पष्ट किया कि अंचल कार्यालय का कोई भी कर्मचारी फोन करके क्यूआर कोड भेजकर भुगतान करने को नहीं कहता है। इसलिए ऐसे फोन कॉल पर भरोसा नहीं करें और किसी भी अनजान व्यक्ति के भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन करने से बचें।

ओटीपी और बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें

अंचलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि भूमि परिमार्जन या दाखिल-खारिज के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को ऑनलाइन रुपये नहीं दें। किसी भी संदिग्ध कॉल की स्थिति में सीधे अंचल कार्यालय से संपर्क कर उसकी सत्यता की पुष्टि करें। साथ ही, बैंक खाते से संबंधित जानकारी, ओटीपी और अन्य गोपनीय विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करें।

शिकायत मिलने पर होगी कानूनी कार्रवाई

सीओ विक्रम सिंह ने कहा कि सरकारी कर्मचारी बनकर रुपये मांगने वाले व्यक्तियों की सूचना तत्काल अंचल कार्यालय या स्थानीय थाना पुलिस को दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसे मामलों की शिकायत मिलने पर नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर साइबर ठगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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