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सुरक्षित बचपन अभियान: छात्राओं को बाल यौन शोषण से बचाव और कानूनी अधिकारों की दी गई जानकारी

पोक्सो एक्ट के प्रावधानों से कराया अवगत, हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर किया जागरूक

देशवाणी | अनिल कुमार

रक्सौल (पूर्वी चंपारण)। सुरक्षित बचपन अभियान के तहत सोमवार को आदापुर स्थित जंगी भगत उच्च माध्यमिक +2 विद्यालय में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, पूर्वी चंपारण की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को बाल यौन शोषण, दुर्व्यवहार से बचाव, व्यक्तिगत सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। 26 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के पहले दिन छात्राओं को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट), 2012 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण के निर्देशानुसार किया गया।

बाल अधिकारों और पोक्सो एक्ट की दी गई जानकारी

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, पूर्वी चंपारण की जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी ने की। उन्होंने छात्राओं को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में रहने, शिक्षा प्राप्त करने और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है। छात्राओं को किसी भी प्रकार के शोषण और दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

अच्छे और बुरे स्पर्श के बीच अंतर समझाया

जागरूकता सत्र में छात्राओं को अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श के बीच अंतर समझाया गया। उन्हें बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असहज महसूस कराता है या उनके साथ गलत व्यवहार करता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में बिना किसी डर या संकोच के माता-पिता, शिक्षक-शिक्षिका अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि शोषण या दुर्व्यवहार की घटना को छिपाने के बजाय समय पर मदद लेना जरूरी है।

हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी

कार्यक्रम के दौरान बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और सहायता प्राप्त करने के माध्यमों की जानकारी दी गई। छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, प्रयास हेल्पलाइन नंबर 9289692023 और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन हेल्पलाइन नंबर 18001027222 के बारे में बताया गया। जरूरत पड़ने पर इन हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से सहायता लेने के लिए उन्हें प्रेरित किया गया।

सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर

छात्राओं को सोशल मीडिया और इंटरनेट का सुरक्षित इस्तेमाल करने के तरीके भी बताए गए। अनजान लोगों से सतर्क रहने, अपनी निजी जानकारी अपरिचित व्यक्तियों के साथ साझा नहीं करने तथा ऑनलाइन किसी भी तरह की असहज स्थिति उत्पन्न होने पर किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी देने की सलाह दी गई।

वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना परिवार, विद्यालय, समाज और संबंधित संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है। आपसी सहयोग और जागरूकता के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाया जा सकता है, ताकि वे बिना भय के अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।

जागरूकता से बढ़ता है छात्राओं का आत्मविश्वास

विद्यालय के प्रधानाध्यापक आरके भारती ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति सजग होती हैं। उन्होंने बाल यौन शोषण और अन्य प्रकार के दुर्व्यवहार की रोकथाम के लिए जागरूकता को आवश्यक बताया।

कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर, पूर्वी चंपारण के सामाजिक कार्यकर्ता राज गुप्ता, अभिषेक कुमार, आशीष कुमार और उमेश कुमार मौजूद रहे। इस दौरान सैकड़ों छात्राओं ने भाग लेकर बाल सुरक्षा और अपने अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

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