-विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण, किसानों व ग्रामीण युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के अवसर
माला सिन्हा
पीपराकोठी : पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, पीपराकोठी में प्रसंस्करण-सह-मूल्य संवर्धन इकाई का लोकार्पण डॉ. पीएस पाण्डेय, कुलपति, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा द्वारा किया गया. यह इकाई के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के शिक्षा प्रभाग के वित्तीय सहयोग से स्थापित की गई है. लोकार्पण के अवसर पर कुलपति डॉ. पीएस पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान समय में उद्यानिकी फसलों के उत्पादन के साथ-साथ उनके प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग और बेहतर विपणन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में स्थापित यह इकाई विद्यार्थियों के लिए शिक्षा एवं अनुसंधान के साथ कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. उन्होंने कहा कि इस इकाई के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न फलों, सब्जियों और अन्य उद्यानिकी उत्पादों के प्रसंस्करण तथा उनसे मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा. साथ ही किसानों, ग्रामीण युवाओं और छोटे उद्यमियों को प्रसंस्करण आधारित स्वरोजगार शुरू करने में भी मदद मिलेगी. महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा कुंदन किशोर ने बताया कि इकाई के माध्यम से विभिन्न फलों एवं सब्जियों से मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने के लिए प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे. इससे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों का बेहतर उपयोग संभव होगा और किसानों को अपनी उपज का अधिक लाभ मिल सकेगा. निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आरके झा ने कहा कि प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण, प्रदर्शन एवं प्रसार गतिविधियां संचालित की जाएंगी. इससे ग्रामीण युवाओं को स्थानीय संसाधनों के आधार पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. सहायक प्राध्यापक डॉ. के. प्रसाद ने बताया कि इकाई में फल एवं सब्जियों से जैम, जेली, स्क्वैश, अचार, सॉस, मुरब्बा, कैंडी, डिहाइड्रेटेड सहित विभिन्न प्रसंस्कृत उत्पाद तैयार करने की तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा सकता है. कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, वैज्ञानिक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे.



