देशवाणी। आशा कुमारी
मोतिहारी।
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के समीप पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हुए सड़क हादसे में जिगरी दोस्त दीपक साहनी की मौत को अपनी आंखों के सामने देखने वाले हेमंत किशोर वर्मा दो दिन बाद भी सदमे से उबर नहीं पाए हैं। मंगलवार को घायल अवस्था में हेमंत अपने घर पहुंचे। घर पहुंचते ही वह बार-बार यही कहते रहे कि, “मेरा यार मेरी आंखों के सामने दुनिया से चला गया, हम कुछ नहीं कर पाए।”
हेमंत किशोर वर्मा तुरकौलिया की जिला परिषद सदस्य सुमन वर्मा के पति हैं। हादसे के बाद से वह मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। पत्नी सुमन वर्मा उन्हें ढांढस बंधा रही हैं। सुमन कहती हैं कि नियति को शायद यही मंजूर था।
बताया जाता है कि हेमंत किशोर वर्मा अपनी स्कॉर्पियो से चालक सोनू कुमार के साथ छोटा बरियारपुर स्थित गोदरेज एजेंसी के मालिक और अपने जिगरी दोस्त दीपक साहनी को इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहे थे। इसी दौरान रविवार की रात करीब 11 बजे उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के समीप पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अचानक नीलगाय सड़क पर आ गई। नीलगाय को बचाने के प्रयास में स्कॉर्पियो असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
हादसे में दीपक साहनी की मौत हो गई, जबकि हेमंत किशोर वर्मा और चालक सोनू कुमार घायल हो गए। हादसे की सूचना के बाद परिजनों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।
मंगलवार को दीपक साहनी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव अरेराज के नगदहा में किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में परिजन, रिश्तेदार और स्थानीय लोग मौजूद रहे। वहीं, अपने दोस्त को खोने का गम हेमंत के चेहरे पर साफ नजर आया। हादसे को याद कर वह लगातार भावुक हो जा रहे हैं।












