Bettiah.रवि कुमार मिश्रा।
बेतिया/नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर सोफवा गांव के समीप सोमवार की शाम ट्रेन की चपेट में आने से मां और बेटी की कटकर दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान शिकारपुर थाना क्षेत्र के सोफवा गांव निवासी सकेश चौधरी की पत्नी 30 वर्षीय जानकी देवी और उनकी 7 वर्षीय मासूम बेटी पिंजल कुमारी के रूप में हुई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है, वहीं ग्रामीणों में रेलवे प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है।मिली जानकारी के अनुसार, जानकी देवी अपनी बेटी के साथ बाजार के किराना दुकान से सामान खरीदकर रेल ट्रैक पार करते हुए घर लौट रही थीं। इसी दौरान पिलर संख्या 243/29 के पास मुजफ्फरपुर से नरकटियागंज आ रही 63341 मेमू पैसेंजर ट्रेन की चपेट में दोनों आ गईं।
हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही दोनों की जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही नरकटियागंज आरपीएफ पोस्ट कमांडेंट ऋतुराज कश्यप और शिकारपुर थाना की पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया और कागजी कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद सोफवा गांव के स्थानीय ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि पहले यहाँ केवल सिंगल रेल ट्रैक था, लेकिन अब डबल ट्रैक हो जाने से ट्रेनों की आवाजाही बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने बताया की—
हमलोगों ने कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से यहाँ रेलवे फाटक बनवाने की गुहार लगाई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। अगर समय रहते यहाँ फाटक बन गया होता, तो आज इस मां-बेटी की जान बच सकती थी। स्थानीय लोगो ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोकने के लिए सोफवा गांव के समीप जल्द से जल्द रेलवे फाटक का निर्माण कराया जाए।












