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झाड़-फूंक के अंधविश्वास पर भारी पड़ी युवक की समझदारी, जिंदा कोबरा को डिब्बे में बंद कर पहुंचा अस्पताल, बची जान

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◆सफाई के दौरान काटा था जहरीला कोबरा, समय पर इलाज से टला बड़ा खतरा

◆कोबरा के काटने पर भी नहीं खोया आपा, जिंदा सांप संग अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचा धनजीत

Bettiah. रवि कुमार मिश्रा।

बेतिया/नरकटियागंज। ​कोबरा के डसते ही जहां अमूमन लोगों के मन मे डर व घबराहट सी हो जाती है। परिवार के लोग भी डर जाते है, वहीं प्रखंड के पुरैनिया हरसरी गांव में एक युवक की सूझबूझ और अदम्य साहस की अनूठी मिसाल देखने को मिली। घर की सफाई के दौरान जहरीले कोबरा के काटने के बाद युवक घबराने के बजाय उसी जिंदा सांप को डिब्बे में बंद कर सीधे अनुमंडलीय अस्पताल पहुंच गया। ​मिली जानकारी के अनुसार, पुरैनिया हरसरी निवासी धनजीत कुमार मिश्र अपने घर की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक निकले एक जहरीले कोबरा ने उनके हाथ में काट लिया। हादसे के तुरंत बाद धनजीत ने गजब का धैर्य दिखाया और कोबरा को सुरक्षित एक डिब्बे में बंद कर लिया। इसके बाद वे बिना वक्त गंवाए सीधे इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल पहुच गए। 

जब हाथ में प्लास्टिक का डिब्बा और डिब्बे में साँप होने की जानकारी लोगों को पता चला कि उसमें जिंदा कोबरा बंद है, तो परिसर में अफरा-तफरी और कौतूहल का माहौल बन गया। देखते ही देखते मरीज, उनके परिजन और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। युवक का यह साहसिक कदम पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। अनुमंडलीय ​अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए युवक का तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया। 

डॉ. राजेश ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने और सही चिकित्सा मिलने के कारण फिलहाल युवक की स्थिति सामान्य और खतरे से बाहर है। एहतियात के तौर पर उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। वही इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सांप के काटने पर अंधविश्वास, झाड़-फूंक या समय गंवाने के बजाय बिना घबराए तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय इलाज कराना ही जीवन बचाने का सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है।

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