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सफाई कर्मियों के विरोध से रक्सौल में सफाई व्यवस्था पर असर, प्रशासन ने संभाला मोर्चा

*एसडीएम, डीएसपी और ईओ ने एनजीओ प्रतिनिधियों व सफाई कर्मियों के साथ की बैठक, भुगतान और ईपीएफ-ईएसआई कटौती के मुद्दे पर हुई चर्चा; अधिकारियों ने कहा- शहर की सफाई में बाधा बर्दाश्त नहीं

रक्सौल। अनिल कुमार। नगर परिषद रक्सौल में सफाई व्यवस्था को लेकर एक बार फिर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। एनजीओ के माध्यम से सफाई कार्य में लगाए गए कुछ कर्मियों के विरोध के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। हालांकि, नगर परिषद के अपने सफाई कर्मियों द्वारा नियमित रूप से सफाई कार्य किया जा रहा है। इस बीच सफाई कार्य में उत्पन्न बाधा को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप किया है। सोमवार की संध्या अनुमंडल पदाधिकारी नागमणि कुमार वर्मा, डीएसपी मनीष आनंद और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार ने एनजीओ प्रतिनिधियों तथा सफाई कर्मियों के साथ बैठक कर पूरे मामले पर चर्चा की। अधिकारियों ने कर्मियों की समस्याओं को सुना और सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नगर परिषद क्षेत्र में सफाई कार्य किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होना चाहिए। शहर की स्वच्छता व्यवस्था सीधे आम नागरिकों के दैनिक जीवन, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी हुई है। ऐसे में भुगतान या अन्य समस्याओं को लेकर उत्पन्न विवाद का असर शहर की सफाई पर नहीं पड़ना चाहिए। अधिकारियों ने संबंधित पक्षों से आपसी समन्वय बनाकर समस्या का समाधान निकालने की अपील की। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की बाधा को प्रशासन गंभीरता से लेगा।

भुगतान के अंतर और कटौती का मुद्दा उठा

बैठक में सफाई कर्मियों के भुगतान को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। अनुमंडल पदाधिकारी नागमणि कुमार वर्मा ने भुगतान से संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि नगर परिषद की ओर से पूर्व में प्रति सफाई कर्मी 13,546 रुपये का भुगतान किया जाता था, जबकि एनजीओ के माध्यम से वर्तमान में प्रति कर्मी 13,178 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। इस अंतर को लेकर सफाई कर्मियों के बीच उत्पन्न सवालों और भुगतान की प्रक्रिया पर चर्चा की गई।

एसडीएम ने बताया कि एनजीओ की ओर से ईपीएफ मद में 13 प्रतिशत के हिसाब से 56.68 रुपये तथा ईएसआई मद में 3.25 प्रतिशत के हिसाब से 14.17 रुपये की कटौती की जा रही है। अधिकारियों ने इन मदों के माध्यम से सफाई कर्मियों को भविष्य में सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ मिलने की बात कही। बैठक में भुगतान की व्यवस्था और कटौती के विषय को स्पष्ट करते हुए कर्मियों की समस्याओं पर बातचीत की गई, ताकि विवाद का समाधान निकालकर सफाई कार्य को सामान्य बनाया जा सके।

सफाई व्यवस्था बाधित होने पर अधिकारियों ने जताई नाराजगी

वार्ता के दौरान अधिकारियों ने सफाई कर्मियों और एनजीओ प्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था नगर परिषद की महत्वपूर्ण सेवाओं में शामिल है। यदि किसी कारण से सफाई कार्य प्रभावित होता है, तो इसका सीधा असर शहर के आम लोगों पर पड़ता है। नियमित सफाई नहीं होने से सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी जमा होने की आशंका रहती है। इससे नागरिकों को परेशानी के साथ-साथ स्वच्छता संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अधिकारियों ने कहा कि सफाई कर्मियों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन उनके समाधान के लिए ऐसा रास्ता अपनाना जरूरी है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित न हो। भुगतान, कटौती या अन्य मुद्दों पर किसी तरह की असहमति होने पर संबंधित पक्षों को प्रशासन और नगर परिषद के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए। आपसी बातचीत के जरिए समाधान निकालना ही सभी के हित में है।

नगर परिषद के सफाई कर्मी कर रहे नियमित काम

इस पूरे मामले के बीच नगर परिषद के अपने सफाई कर्मियों द्वारा नियमित रूप से सफाई कार्य किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं, एनजीओ के माध्यम से संचालित सफाई कार्य में लगे कुछ कर्मियों के विरोध के कारण व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आई है। ऐसे में प्रशासन के सामने शहर की सफाई व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने के साथ-साथ सफाई कर्मियों की समस्याओं का समाधान निकालने की चुनौती है।

बैठक में सफाई व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने, भुगतान से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता लाने और संबंधित पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि बातचीत के माध्यम से उत्पन्न स्थिति का समाधान निकलेगा और शहर में सफाई कार्य सुचारु रूप से जारी रहेगा।

बैठक में ये लोग रहे मौजूद

बैठक में स्वच्छता पदाधिकारी कन्हैया कुमार यादव, सफाई इंस्पेक्टर रामनरेश कुशवाहा, सफाई जमादार संजय बैठा, सलीम आलम तथा गोस्वामी सिक्योरिटी सर्विसेज के प्रतिनिधि दिलीप गिरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। अधिकारियों की इस पहल को सफाई व्यवस्था से जुड़े विवाद को सुलझाने और नगर परिषद क्षेत्र में नियमित स्वच्छता बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

फोटो-एसडीएम, डीएसपी और ईओ ने एनजीओ प्रतिनिधियों व सफाई कर्मियों के साथ की बैठक

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