HomeBIHARमोतिहारीरक्सौल में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, चार बाल श्रमिक मुक्त

रक्सौल में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, चार बाल श्रमिक मुक्त

*तीन प्रतिष्ठानों में चला सघन जांच अभियान, नियोजकों पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू

रक्सौल। अनिल कुमार। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार के निर्देश पर बुधवार को रक्सौल प्रखंड क्षेत्र में बाल श्रम के खिलाफ विशेष धावा दल ने सघन जांच अभियान चलाया। श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, रक्सौल के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान तीन प्रतिष्ठानों से चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। अभियान के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के नियोजकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में श्रम अधीक्षक सत्या प्रकाश ने बताया कि बाल श्रम पर रोक लगाने के उद्देश्य से पूर्वी चंपारण जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जांच के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में बच्चों से काम कराया जा रहा था, वहां से चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। सभी मुक्त कराए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें बाल गृह में रखा गया है, ताकि उनकी सुरक्षा एवं देखभाल सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों से प्रतिष्ठानों में काम कराना कानूनन अपराध है। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत बाल श्रमिकों से काम कराने वाले नियोजकों के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार दोषी नियोजकों पर 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना और दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में प्रत्येक बाल श्रमिक के लिए नियोजकों से 20 हजार रुपये की राशि वसूलने की कार्रवाई भी की जाएगी।

श्रम अधीक्षक ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के भविष्य और उनके अधिकारों के साथ खिलवाड़ है। बच्चों की जगह विद्यालय में है, न कि किसी दुकान या प्रतिष्ठान में काम करने की। उन्होंने प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की कि वे बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम नहीं कराएं, अन्यथा उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस विशेष धावा दल में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, रक्सौल, सुगौली, चिरैया एवं पहाड़पुर के साथ डंकन हॉस्पिटल, रक्सौल के प्रतिनिधि, प्रयास संस्था और ग्राम नियोजन केंद्र के प्रतिनिधि शामिल थे। इसके अलावा पुलिस लाइन से पांच पुलिसकर्मियों तथा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम ने भी अभियान में भाग लिया। श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में बाल श्रम के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग की इस कार्रवाई से बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठान संचालकों में हड़कंप मचा है।

फोटो -रक्सौल में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, चार बाल श्रमिक मुक्त

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