-नीमास्त्र, अग्निअस्त्र व ब्रह्मास्त्र बनाने की सीखी विधि, किसानों से किया प्रत्यक्ष संवाद
माला सिन्हा
पीपराकोठी : टीसीए, ढोली के विद्यार्थियों ने रावे कार्यक्रम के तहत प्राकृतिक खेती एवं ग्राम भ्रमण के माध्यम से कृषि के साथ ग्रामीण जीवन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया. इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डा अरविन्द कुमार सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों ने प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण इकाई में पहुंचकर जैविक एवं प्राकृतिक कीट नियंत्रण की विभिन्न विधियों की जानकारी ली. प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने नीमास्त्र, अग्निअस्त्र एवं ब्रह्मास्त्र तैयार करने की विधि को स्वयं सीखते हुए इसके विभिन्न चरणों को समझा. विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि प्राकृतिक रूप से तैयार किए जाने वाले ये घोल फसलों को कीटों से बचाने में उपयोगी हैं तथा रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. विद्यार्थियों ने इनके निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, मात्रा एवं उपयोग की विधि की भी जानकारी प्राप्त की. इसके बाद विद्यार्थियों ने झखरा एवं मझरिया गांव का भ्रमण किया. इस दौरान उन्होंने मध्य विद्यालय एवं निजी स्वास्थ्य केंद्र का दौरा कर ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का अवलोकन किया. विद्यार्थियों ने ग्रामीण परिवेश, सामाजिक व्यवस्था तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं को करीब से समझा. ग्राम भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने किसानों से प्रत्यक्ष संवाद कर कृषक सर्वेक्षण भी किया. किसानों से खेती के तरीके, फसल उत्पादन, सिंचाई व्यवस्था, कृषि लागत, प्रमुख समस्याओं तथा फसल से जुड़ी चुनौतियों की जानकारी एकत्र की गई.
इस गतिविधि से विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त कृषि ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर मिला. साथ ही उन्हें ग्रामीण जीवन, प्राकृतिक खेती की उपयोगिता और किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझने का महत्वपूर्ण व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.



