देश वाणी। दिलीप दुबे, मोतिहारी।
मोतिहारी नगर निगम की मासिक साधारण बैठक में शनिवार को शहर की बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। महापौर प्रीति कुमारी की अध्यक्षता एवं नगर आयुक्त आशीष कुमार की मौजूदगी में हुई बैठक में जल-निकासी, सफाई और प्रकाश व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई।
जलजमाव से सर्वाधिक प्रभावित रघुनाथपुर, छतौनी, बंजरिया और बरियारपुर सहित घनी आबादी वाले इलाकों को राहत देने के लिए 15 प्रस्तावित योजनाओं में प्रथम चरण की 8 प्रमुख आरसीसी नाला निर्माण योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अलावा विभिन्न वार्डों की गलियों में जल-निकासी व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए सड़क एवं नाला निर्माण से जुड़ी 27 अन्य योजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले वार्ड जमादारों तथा मुख्य नालों की सफाई में कोताही करने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। स्ट्रीट लाइट की मरम्मत में देरी और मैनपावर की कमी को लेकर संबंधित एजेंसी से जवाब-तलब करने का निर्णय लिया गया। वहीं, नए क्षेत्रों में हाईमास्ट लाइट लगाने की प्रक्रिया तेज करने पर भी सहमति बनी।
नागरिकों की सुविधा को देखते हुए पीएचईडी की नल-जल योजना से जुड़ी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी भी नगर निगम द्वारा सीधे संभालने पर सहमति बनी, ताकि लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
महापौर ने कहा कि स्वीकृत योजनाओं का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को वर्षों पुरानी जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत दिलाना और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना है। निगम प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और कार्यकारी एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है, ताकि अगले मानसून से पहले जल-निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जा सके।
देश वाणी। दिलीप दुबे, मोतिहारी।
मोतिहारी नगर निगम की मासिक साधारण बैठक में शनिवार को शहर की बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। महापौर प्रीति कुमारी की अध्यक्षता एवं नगर आयुक्त आशीष कुमार की मौजूदगी में हुई बैठक में जल-निकासी, सफाई और प्रकाश व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई।
जलजमाव से सर्वाधिक प्रभावित रघुनाथपुर, छतौनी, बंजरिया और बरियारपुर सहित घनी आबादी वाले इलाकों को राहत देने के लिए 15 प्रस्तावित योजनाओं में प्रथम चरण की 8 प्रमुख आरसीसी नाला निर्माण योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अलावा विभिन्न वार्डों की गलियों में जल-निकासी व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए सड़क एवं नाला निर्माण से जुड़ी 27 अन्य योजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले वार्ड जमादारों तथा मुख्य नालों की सफाई में कोताही करने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। स्ट्रीट लाइट की मरम्मत में देरी और मैनपावर की कमी को लेकर संबंधित एजेंसी से जवाब-तलब करने का निर्णय लिया गया। वहीं, नए क्षेत्रों में हाईमास्ट लाइट लगाने की प्रक्रिया तेज करने पर भी सहमति बनी।
नागरिकों की सुविधा को देखते हुए पीएचईडी की नल-जल योजना से जुड़ी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी भी नगर निगम द्वारा सीधे संभालने पर सहमति बनी, ताकि लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
महापौर ने कहा कि स्वीकृत योजनाओं का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को वर्षों पुरानी जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत दिलाना और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना है। निगम प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और कार्यकारी एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है, ताकि अगले मानसून से पहले जल-निकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जा सके।



