फोटो : स्वछता अभियान में एसएसबी के अधिकारी व जवान
माला सिन्हा
पीपराकोठी : 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा “स्वच्छता ही सेवा-2026” अभियान के अंतर्गत श्रमदान गतिविधि “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” के तहत वाहिनी मुख्यालय, सभी समवायों तथा उनके कार्यक्षेत्र में स्थित विभिन्न विद्यालयों, सरकारी संस्थानों एवं ग्रामों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया. इस अभियान के दौरान वाहिनी के अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारी एवं जवानों द्वारा उत्साहपूर्वक श्रमदान करते हुए वाहिनी परिसर, समवाय परिसरों तथा आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई की गई। साथ ही, कार्यक्षेत्र के विद्यालयों, सरकारी संस्थानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन कर स्थानीय लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया. इस अवसर पर वाहिनी द्वारा आमजन को स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने, कूड़े-कचरे का उचित निस्तारण करने तथा स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया. स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति, संस्था अथवा विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर से सक्रिय योगदान देना चाहिए. “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” जैसी श्रमदान गतिविधियां सामूहिक सहभागिता एवं जन-जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इस अभियान के माध्यम से 71वीं वाहिनी द्वारा स्वच्छता, जनभागीदारी एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई. वहीं दूसरी तरफ कृषि विज्ञान केंद्र, परसौनी के तत्वावधान में उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, परसौनी में डॉ. अभय कुमार सिंह, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान की अध्यक्षता में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के अंतर्गत स्वच्छता जागरूकता एवं स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. अंशु गंगवार ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के उद्देश्य एवं महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कृषि कार्यों से निकलने वाले उप-उत्पाद एवं अवशेषों का उचित प्रबंधन करने की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनको खेत में मिलाने और उनसे जैविक खाद तैयार कर खेतों में उपयोग किया जा सकता है। इससे कृषि अपशिष्ट का सदुपयोग होने के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिलती है.



