देश वाणी। नौशाद अहमद। लौरिया।
लौरिया। एनएच-727 पर तेज रफ्तार बसों का परिचालन राहगीरों और छोटे वाहन चालकों के लिए खतरा बनता जा रहा है। लौरिया से बेतिया, बगहा, रामनगर, चनपटिया और नरकटियागंज समेत विभिन्न रूटों पर चलने वाली सैकड़ों बसें रोजाना इस मार्ग से गुजरती हैं। यात्रियों को बैठाने और निर्धारित समय पर गंतव्य तक पहुंचने की होड़ में कई बार बसें महज दो-दो मिनट के अंतराल पर एक-दूसरे के पीछे दौड़ती नजर आती हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, एक बस के आगे निकलते ही दूसरी बस के चालक द्वारा उसे पकड़ने या ओवरटेक करने की कोशिश शुरू हो जाती है। इस दौरान तेज रफ्तार, अचानक ब्रेक और गलत तरीके से ओवरटेकिंग दुर्घटना का कारण बन सकती है। बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है।
हादसों के बाद भी नहीं थमी रफ्तार
एनएच-727 पर हाल के दिनों में हुए सड़क हादसों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बनकटवा में छठियार कार्यक्रम के दौरान तेज रफ्तार बस के भीड़ में घुसने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद बसों की गति और परिचालन व्यवस्था पर सवाल उठे थे। लोगों का कहना है कि हादसे के बाद भी तेज रफ्तार बसों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं दिख रहा है।
टाइमिंग की समीक्षा की मांग
लोगों ने प्रशासन से एनएच-727 पर नियमित वाहन जांच अभियान चलाने, ओवरस्पीड बसों पर कार्रवाई करने और विभिन्न रूटों की बसों की टाइमिंग की समीक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि बसों के बीच पर्याप्त समय अंतर रखा जाए, ताकि चालकों के बीच आगे निकलने की होड़ कम हो।
तेज हॉर्न और रफ्तार से भी राहगीरों को परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि बसों की संख्या बढ़ने के साथ यातायात निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की जानी चाहिए।
बीडीओ संजीव कुमार ने कहा कि मामले से वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।



