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लोक परम्पराओं में प्रकृति की आत्मा का वास: पर्यावरण संरक्षण को मिला नया संकल्प

देश वाणी। दिलीप दुबे

मोतिहारी। पिपरा के एक निजी आवासीय स्कूल में शनिवार को पर्यावरण की पाठशाला सह पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय लोक परम्पराओं में निहित प्रकृति-प्रेम को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और पर्यावरण संरक्षण को जन-अभियान बनाना था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता विनय कुमार ने कहा कि भारतीय लोक परंपराओं, पर्व-त्योहारों और जीवन-पद्धति में प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना सदियों से विद्यमान है। आज के पर्यावरण संकट के दौर में प्रकृति के संरक्षण की यह परंपरा और अधिक प्रासंगिक हो गई है। पूर्व प्रमुख विश्वनाथ पासवान ने कहा कि एक पौधा सौ पुत्रों के समान है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा और जलवायु संतुलन का आधार है। उन्होंने बच्चों से पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विद्यालय परिसर में वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए विभिन्न पौधों का अतिथियों और विद्यार्थियों द्वारा रोपण किया गया। साथ ही, बच्चों को पर्यावरण संरक्षण, जल बचाव, प्लास्टिक के कम उपयोग और जैव विविधता के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य नवलकिशोर सिंह ने तथा संचालन अंकित कुमार में की। मौके पर राज गुरु, रामदेव प्रसाद, नागेश्वर पंडित, चंदेश्वर तिवारी, राहुल कुमार, शकुंतला सिंह, अमृता श्रीवास्तव, सुनीता भारद्वाज सहित कई गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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